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शिफ्टिंग के लिए देर रात तक चला खड़े हनुमान मंदिर प्रतिमा को प्लास्टिक से ढंकने का काम

बारिश के कारण रात रुकी शिफ्टिंग दोपहर फिर शुरु

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ननि की इच्छा राजसी सवारी से पहले रास्ता सुगम बनाने की

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सड़क चौड़ीकरण में सती गेट और छतरी चौक के दायरे मे आ रहे खड़े हनुमान और टकसाली मंदिर को शिफ्ट करने की गुरुवार रात कोशिश की गई । बारिश के कारण हालांकि शिफ्टिंग रोकनी पड़ी। शुक्रवार को दोबार दो मंदिरों को शुक्रवार दोपहर 12 बजे फिर से यह काम शुरू हुआ।

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प्रतिमा को सुरक्षित रखने के लिए खड़े हनुमान प्रतिमा को प्लास्टिक से ढंकने का काम गुरुवार देर रात करीब 1:30 बजे तक चला। पास ही टकसाली गणेश में अभी पूर्व की तरह पूजन चल रहा है। प्रतिमा को टंकी के पास जहां शिफ्ट करना है वहां भी काम अभी पूरा नहीं हुआ है। निर्माणाधीन मंदिर की दीवारें बन गई हैं परंतु छत डलना अभी बाकी है। शुक्रवार को सुबह से बारिश चल रही थी इसलिए दोपहर 12 बजे काम शुरू हुआ। दुकानदारों ने बताया खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा शटर के रास्ते नहीं निकल पाएगी। पहले मंदिर का गुंबद टूटेगा फिर छत के रास्ते प्रतिमा बाहर निकलेगी।

प्राथमिकता अलग-अलग : क्षेत्र के लोगों की मंशा थी कि राजसी सवारी के बाद मंदिर शिफ्ट हो जबकि सवारी का रास्ता सुगम बनाने के लिए निगम प्रशासन की इच्छा सवारी से पहले प्रतिमा शिफ्ट कर मंदिर हटाने की है। उधर दोनों मंदिरों के पुजारी परिवार का कहना है मंदिर की शिफ्टिंग पर कोई आपत्ति नहीं है। मामला आस्था का है। हमारी इच्छा है कि मूर्ति को यहां से ले जाने का काम विधि विधान से मुहूर्त में हो तो यह बेहतर रहेगा।

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जानकारी है कि मंदिर शिफ्टिंग को लेकर नगर निगम प्रशासन पुजारी परिवार को चेतावनी दे चुका है सिंहस्थ के लिए खुले रास्ते की जरूरत है। इसलिए सड़कें चौड़ी की जा रही हैं। सड़क चौड़ी करने के लिए निर्माण हटाए जा रहे हैं। रास्ते में मंदिर आ रहे हैं इसलिए इन्हें हटा रहे हैं। इन्हें हटाने के निर्णय में किसी की व्यक्तिगत इच्छा का महत्व नहीं है। मंदिर तो हटेंगे ही। यदि सहयोग करें तो समन्वय से विधान पूर्वक मंदिर शिफ्ट हो सकता है।

खुदाई शुरू हो गई है, सीवर लाइन का काम भी चल रहा है
गुरुवार को नगर निगम के कर्मचारियों ने खड़े हनुमान मंदिर के आसपास दोपहर से खुदाई शुरू की थी, जबकि टकसाली गणेश मंदिर के पास सीवर पाइप लाइन खोदने का काम पहले से ही चल रहा है। खड़े हनुमान मंदिर के पुजारी महेश बैरागी ने बताया नगर निगम द्वारा दिए गए कागज कानूनी परीक्षण के लिए भेजे हैं। यदि हमें वैधानिक रूप से मंदिर का अधिकार दिया जाता है तो टंकी के पास शिफ्टिंग में कोई आपत्ति नहीं है। जहां शिफ्टिंग होना है अभी काम चल रहा है। अभी छत नहीं बनी है इसलिए बारिश में परेशानी होगी। टकसाली गणेश मंदिर पुजारी परिवार का कहना है कि शिफ्टिंग में कोई आपत्ति नहीं है। दस्तावेज सही हैं तो सहयोग करेंगे।

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