वर्किंग पेरेंट्स की बढ़ी परेशानी, नौकरी के साथ बच्चों को संभालना मुश्किल

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में नौकरी और परिवार दोनों को संभालना आसान नहीं है। खासकर उन माता-पिता के लिए चुनौती ज्यादा है, जो फुल टाइम नौकरी करते हैं। ऑफिस का काम पूरा करने के साथ बच्चों की पढ़ाई, उनकी जरूरतें और घर की जिम्मेदारियां भी देखनी पड़ती हैं।
एक हालिया सर्वे में शामिल 2,242 वर्किंग पेरेंट्स के जवाबों से पता चला कि नौकरी और बच्चों के बीच समय बांटना कई माता-पिता के लिए मुश्किल हो रहा है।
- ऑफिस में भी बच्चों की चिंता
सर्वे में 70 प्रतिशत फुल टाइम वर्किंग पेरेंट्स ने बताया कि उन्हें ऑफिस के काम के दौरान भी बच्चों से जुड़ी जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। बच्चों की स्कूल से जुड़ी जरूरतें, उनकी देखभाल या दूसरे जरूरी कामों के कारण उनका ध्यान कई बार नौकरी और परिवार के बीच बंट जाता है। इसका असर यह होता है कि पेरेंट्स ऑफिस में होने के बावजूद पूरी तरह काम पर ध्यान नहीं दे पाते।
- बच्चों के साथ भी चलता रहता है ऑफिस का काम
दूसरी ओर, 59 प्रतिशत पेरेंट्स ने बताया कि बच्चों के साथ समय बिताते हुए भी उन्हें नौकरी से जुड़े काम करने पड़ते हैं। फोन कॉल, ईमेल, ऑनलाइन मीटिंग और जरूरी ऑफिस टास्क के कारण परिवार के साथ बिताया जाने वाला समय भी प्रभावित होता है। कई बार पेरेंट्स बच्चों के साथ मौजूद तो होते हैं, लेकिन उनका ध्यान मोबाइल या लैपटॉप पर लगा रहता है।
- टेक्नोलॉजी ने सुविधा के साथ बढ़ाई जिम्मेदारी
मोबाइल और इंटरनेट ने घर से काम करना आसान जरूर बनाया है, लेकिन इससे ऑफिस और घर के बीच की सीमा भी कम हुई है। पहले ऑफिस का काम ऑफिस तक सीमित रहता था, लेकिन अब कई काम घर से भी किए जा सकते हैं। इस सुविधा के कारण पेरेंट्स को लगता है कि वे काम कभी भी पूरा कर सकते हैं। नतीजा यह होता है कि काम का समय और परिवार का समय कई बार एक-दूसरे में मिल जाता है।
- बच्चों के लिए क्वालिटी टाइम जरूरी
बच्चों के साथ सिर्फ मौजूद रहना ही काफी नहीं है, बल्कि उनके साथ कुछ समय बिना किसी काम के बिताना भी जरूरी है। पेरेंट्स अगर अपने दिन में कुछ समय बच्चों के लिए तय करें और उस दौरान ऑफिस के काम से दूरी रखें, तो परिवार के साथ बेहतर समय बिताया जा सकता है।









