मायावती का बड़ा फैसला, आकाश आनंद फिर BSP से बाहर

यूपी चुनाव से पहले ‘ससुर’ पर संग्राम
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) में आंतरिक कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। पार्टी प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं।
अशोक सिद्धार्थ के संन्यास के बाद भी एक्शन
मायावती ने हाल ही में कहा था कि आकाश आनंद को पार्टी में खुलकर काम करने का मौका तभी मिल सकता है, जब उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ राजनीति से पूरी तरह संन्यास ले लें। मायावती ने अशोक सिद्धार्थ पर पार्टी और बहुजन आंदोलन के हितों की अनदेखी कर निजी और पारिवारिक हितों को प्राथमिकता देने के आरोप लगाए थे।
इसके बाद 10 सितंबर को अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। उन्होंने मायावती को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने कभी पार्टी हित के खिलाफ काम नहीं किया और आकाश आनंद को गुमराह करने के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि उनका संन्यास पार्टी हित में है और इसे आकाश आनंद की वापसी से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
मायावती ने कहा- देर से लिया फैसला
अशोक सिद्धार्थ के संन्यास की घोषणा के बावजूद मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी से निकालने का फैसला किया। रिपोर्टों के मुताबिक, मायावती ने अशोक सिद्धार्थ के संन्यास को देर से उठाया गया कदम बताया है।
मायावती ने आकाश आनंद के खिलाफ कार्रवाई के पीछे पार्टी अनुशासन और उनकी कार्यशैली को लेकर गंभीर असहमति जताई है। इससे BSP में नेतृत्व और भविष्य की रणनीति को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
यूपी चुनाव से पहले बढ़ी हलचल
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर BSP संगठन को मजबूत करने में जुटी है। ऐसे समय में आकाश आनंद को पार्टी से बाहर किए जाने को मायावती के लिए बड़ा संगठनात्मक फैसला माना जा रहा है। इससे पहले सितंबर की शुरुआत में मायावती ने आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक पद से भी हटा दिया था और कहा था कि उन्हें अभी राजनीतिक रूप से और परिपक्व होने की जरूरत है।
आकाश आनंद पहले मायावती के राजनीतिक उत्तराधिकारी के तौर पर सामने आए थे, लेकिन पिछले दो वर्षों में उन्हें लेकर पार्टी के भीतर कई बार फैसले बदले गए हैं। अब एक बार फिर उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
‘ससुर’ को लेकर क्यों हुआ विवाद?
BSP में आकाश आनंद और उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ की राजनीतिक भूमिका को लेकर लंबे समय से चर्चा रही है। मायावती ने आरोप लगाया था कि अशोक सिद्धार्थ ने आकाश आनंद को प्रभावित किया और पार्टी हित से ऊपर निजी एवं पारिवारिक हितों को रखा। हालांकि, अशोक सिद्धार्थ ने इन आरोपों से इनकार किया है।
अब अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास के बाद भी आकाश आनंद को पार्टी से बाहर किए जाने से BSP के अंदर चल रही खींचतान और गहरी होती दिखाई दे रही है।









