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17 घंटे उज्जैन में रहेंगे डॉ. भागवत और नबीन, पर मुलाकात कहीं नहीं

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। एक दुनिया के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन का प्रमुख, दूसरा दुनिया के सबसे बड़े राजनैतिक दल का मुखिया। एक ही विचारधारा से उपजी दो शख्सियत डॉ. मोहन भागवत और नितिन नबीन 17 घंटे तक (गुरुवार से शुक्रवार तक) उज्जैन में रहेंगे लेकिन दोनों के बीच मुलाकात कहीं नहीं होगी। फिलहाल दोनों की बैठक का अभी तक कोई कार्यक्रम तय नहीं हुआ है।

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आरएसएस सुप्रीमो डॉ. मोहन भागवत गुरुवार शाम करीब 4.00 बजे उज्जैन पहुंचेंगे। संघ कार्यालय से ही वे सीधे अरविंदनगर स्थित महाकाल परिसर जाएंगे। यहां शाम 5.30 बजे से आरएसएस के दायित्ववान कार्यकर्ताओं के साथ वे चर्चा करेंगे। चर्चा का विषय फिलहाल गोपनीय रखा गया है। यहां से संघ प्रमुख फिर से संघ कार्यालय आराधना जाएंगे। रात्रि विश्राम यहां करने के बाद वे शुक्रवार को गीता भवन में होने वाली युवा संसद में भाग लेंगे। पूर्वाह्न 11 बजे वे यहां पहुंचेंगे। दोपहर करीब 2.30 बजे वे उज्जैन से इंदौर के लिए रवानगी लेंगे।

नितिन नबीन गुरुवार शाम 5.05 बजे उज्जैन पहुंचेेंगे। वे महाकाल मंदिर क्षेत्र स्थित हेरिटेज होटल विक्रमादित्य में विश्राम करेंगे। शाम 6.45 बजे वे रामघाट पर होने वाली शिप्रा आरती में शरीक होंगे। शाम 7 बजे वे आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम में शामिल होंगे। भजन संध्या में शिरकत कर रात करीब 9 बजे वापस होटल लौटेंगे। तड़के 4 बजे वे बाबा महाकाल की भस्मार्ती में शामिल होंगे। वापस होटल लौटकर सुबह 9.30 बजे इंदौर रवाना हो जाएंगे। फिलहाल नबीन और डॉ. भागवत की मुलाकात का कोई कार्यक्रम तय नहीं हुआ है। अपने-अपने संगठन के दोनों प्रमुख का कोई संयुक्त कार्यक्रम भी तय नहीं है। ऐसे में दोनों का आमना-सामना भी कहीं भी होने की उम्मीद नहीं है। संघ सूत्रों के मुताबिक आरएसएस सुप्रीमो के कार्यक्रम छह महीने पहले तय होते हैं। बहुत विशेष परिस्थिति में ही बीच में कोई कार्यक्रम शामिल किया जाता है। ऐसे में नबीन और डॉ. भागवत का मिलना तय नहीं है।

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घाटों पर तैयारी जोरों पर, अब 30 लाख दीप जलाने का टारगेट
गुरुवार शाम होने वाले दीपोत्सव की तैयारी शिप्रा के घाटों और महाकाल महालोक में तेजी से चल रही है। ब्लॉक की मार्किंग का काम करीब-करीब पूरा हो गया है। दीपों की पैकेजिंग का काम भी युद्ध स्तर पर चल रहा है। नगरनिगम ने दीपों की संख्या बढ़ा दी है। अब 30 लाख दीपक का टारगेट सेट तय किया गया है। अयोध्या का रिकॉर्ड तोडऩे की तैयारी है। अयोध्या में 26.30 लाख दीपक 19 अक्टूबर 2025 जो जलाए गए थे। निगमायुक्त अभिलाष मिश्रा ने बताया कि ३५ लाख दीपों से तैयारी की जा रही है। 30 लाख दीपक तो जला ही दिए जाएंगे। उज्जैन एक नया रिकॉर्ड बनाएगा।

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