ग्राहक नहीं भरेगा यूपीआई का शुल्क

नईदिल्ली, एजेंसी। छह साल तक यूपीआई को नि:शुल्क रखने के बाद मंगलवार को सरकार ने डिजिटल लेनदेन पर शुल्क लगाने की घोषणा की। अब ग्राहक द्वारा 2000 रुपए से अधिक का भुगतान करने पर कारोबारी को 0.4 प्रतिशत की दर से मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) देना होगा। वहीं, व्यक्ति से व्यक्ति को किए जाने वाले यूपीआई भुगतान पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।
सरकार ने सोमवार को यूपीआई से दो हजार रुपए तक के लेनदेन के लिए शून्य एमडीआर की अधिसूचना जारी की थी। इसके बाद भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने मंगलवार को यूपीआई संचालन से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की। वर्तमान में व्यक्ति से व्यक्ति भुगतान मूल्य के लिहाज से कुल यूपीआई लेनदेन का करीब 70 प्रतिशत है।
अब दो हजार रुपए से अधिक की धनराशि व्यक्ति से कारोबारी को भेजने पर 0.4 प्रतिशत की दर से शुल्क लगेगा। यह शुल्क भुगतान व्यवस्था से जुड़े विभिन्न भागीदारों के बीच बांटा जाएगा, जिसमें बैंक और यूपीआई एप उपलब्ध कराने वाले संस्थान शामिल हैं। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था से करीब चार प्रतिशत कारोबारी लेनदेन प्रभावित होगा, क्योंकि करीब 96त्न कारोबारी लेनदेन 2,000 रुपए से कम है या छोटे कारोबारियों के लिए लागू शून्य एमडीआर व्यवस्था के दायरे में आता है।









