UPI पर 18% GST को लेकर भ्रम दूर, NPCI ने बताया MDR पर कैसे लगेगा टैक्स

UPI पर 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले नए MDR (Merchant Discount Rate) को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। खासतौर पर 18% GST को लेकर लोगों के बीच भ्रम है। अब NPCI ने इस मामले में स्थिति स्पष्ट की है। नए नियम के तहत 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) UPI भुगतान पर 0.4% MDR लागू होगा। यह शुल्क ग्राहक से नहीं, बल्कि मर्चेंट की ओर से तय व्यवस्था के तहत लिया जाएगा। ?
- NPCI ने क्या कहा?
NPCI (National Payments Corporation of India) के मुताबिक, 2,000 रुपये तक के P2M UPI लेनदेन पर MDR नहीं लगेगा। इसलिए ऐसे भुगतान पर MDR से जुड़ा GST भी नहीं होगा। वहीं, जिन लेनदेन पर MDR लागू होगा, उस MDR पर GST का प्रावधान रहेगा। पात्र कारोबारी इस GST का Input Tax Credit (ITC) ले सकते हैं। इसका मतलब यह है कि 18% GST पूरे UPI भुगतान की रकम पर नहीं लगाया जाएगा। GST की गणना MDR की राशि पर होगी।
- GST पूरे अमाउंट पर नहीं, सिर्फ MDR पर
इसे एक उदाहरण से समझें। अगर कोई ग्राहक किसी मर्चेंट को 10,000 रुपये का UPI भुगतान करता है और उस पर 0.4% MDR लागू होता है, तो MDR 40 रुपये होगा। 18% GST पूरे 10,000 रुपये पर नहीं, बल्कि इस 40 रुपये के MDR पर लगेगा।
हालांकि, नए नियम में कई तरह के लेनदेन को MDR से बाहर रखा गया है। P2P यानी व्यक्ति से व्यक्ति भुगतान पर कोई MDR नहीं होगा, जबकि 2,000 रुपये तक के P2M भुगतान भी इससे बाहर रहेंगे।
- छोटे दुकानदारों को भी राहत
छोटे कारोबारियों के लिए भी नियम में राहत का प्रावधान है। QR कोड के जरिए महीने में 1 लाख रुपये तक का UPI कारोबार करने वाले छोटे मर्चेंट पर MDR नहीं लगेगा। इसके अलावा, 75,000 रुपये या उससे अधिक के सामान्य पात्र लेनदेन पर MDR की अधिकतम सीमा 300 रुपये रखी गई है।
ऐसे में UPI पर GST को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही इस धारणा से बचना जरूरी है कि 18% टैक्स सीधे पूरे भुगतान पर लगेगा। असल में GST, जहां लागू होगा, वहां MDR की राशि पर होगा। साथ ही ग्राहक से UPI भुगतान के समय अलग से यह शुल्क वसूलने का प्रावधान नहीं है।









