3 अस्पतालों के चक्कर, फिर भी नहीं बची 20 वर्षीय प्रसूता की जान

पहली डिलीवरी के बाद महिला की गई जान, परिजन तीन अस्पतालों और तीन थानों के चक्कर काटते रहे; बाणगंगा पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच
इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में डिलीवरी के बाद तबीयत बिगड़ने से 20 वर्षीय प्रसूता नैना वंशकार की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने राजमोहल्ला स्थित निजी ऑरेंज अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ऑपरेशन के बाद नैना को अत्यधिक ब्लीडिंग होने लगी थी। हालत गंभीर होने पर उसे अरबिंदो अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। महिला की मौत के बाद पोस्टमार्टम कराने के लिए परिजनों को तीन थानों के चक्कर भी काटने पड़े। आखिरकार बाणगंगा पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की।
तीन अस्पतालों में इलाज के लिए भटकते रहे परिजन
जबरन कॉलोनी निवासी आजाद वंशकार के मुताबिक, उनकी शादी करीब डेढ़ साल पहले नैना से हुई थी। 8 सितंबर को नैना की अचानक तबीयत बिगड़ने पर वे उसे पीसी सेठी अस्पताल लेकर पहुंचे। पति का आरोप है कि वहां डॉक्टर मौजूद नहीं मिले। इसके बाद वे उसे एमटीएच अस्पताल ले गए, लेकिन कथित तौर पर उचित इलाज नहीं मिलने के कारण उसे राजमोहल्ला स्थित निजी ऑरेंज अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
आजाद का आरोप है कि ऑरेंज अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरती गई, जिसके बाद नैना को अत्यधिक ब्लीडिंग होने लगी। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे अगले दिन अरबिंदो अस्पताल रेफर कर दिया। वहां उपचार के दौरान 10 सितंबर की सुबह नैना की मौत हो गई। यह उसकी पहली डिलीवरी थी। महिला ने बेटे को जन्म दिया था।
मौत के बाद पोस्टमार्टम के लिए भी भटकना पड़ा
नैना की मौत के बाद परिजन शनिवार को शव लेकर बाणगंगा थाने पहुंचे। परिजनों के अनुसार, वहां उन्हें दूसरे थाना क्षेत्र का मामला बताकर वापस भेज दिया गया। इसके बाद वे मल्हारगंज और रावजी बाजार थानों के चक्कर काटते रहे। थाना क्षेत्र को लेकर उलझन के कारण शनिवार को पोस्टमार्टम नहीं हो सका।
बाद में बाणगंगा पुलिस ने मर्ग कायम किया और रविवार को जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया। इस दौरान परिवार को एक ओर महिला की मौत का दुख झेलना पड़ा, तो दूसरी ओर कानूनी प्रक्रिया पूरी कराने के लिए परेशान होना पड़ा।
मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
परिजनों ने निजी अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारण और उपचार में किसी तरह की चिकित्सकीय लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
बाणगंगा पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।









