मुंबई में उद्योग प्रतिनिधियों से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की चर्चा

फॉर्मा, बायोटेक और मेडिकल डिवाइस का हब बनेगा मप्र
अक्षरविश्व न्यूज:भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश फार्मा, बायोटेक और मेडिकल डिवाइस सेक्टर में निवेश के लिए देश के प्रमुख केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य दवा निर्माण से लेकर सक्रिय औषधीय घटक (एपीआई), अनुसंधान, परीक्षण और मेडिकल डिवाइस उत्पादन तक पूरी मूल्य शृंखला विकसित करना है।
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को मुंबई में आयोजित फार्मा सेक्टर की राउंड टेबल चर्चा में प्रमुख उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद किया। इस दौरान प्रदेश में फार्मा विनिर्माण, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, निर्यात और नई तकनीक आधारित निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। डॉ. यादव ने बताया कि पिछले 18 महीनों में फार्मा क्षेत्र में 54 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों के जरिए करीब 19,477 करोड़ रुपए के निवेश और 18,646 रोजगार सृजित होने की संभावना है।
300 से अधिक फार्मा कंपनियां विकसित हो रहे प्रमुख क्लस्टर
डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में 300 से अधिक फार्मा कंपनियां और 30 से अधिक एपीआई एवं बल्क ड्रग निर्माता हैं। इंदौर, पीथमपुर-धार, भोपाल-रायसेन, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, देवास, भिंड और मुरैना में फार्मा उद्योग का आधार विकसित हो चुका है।
इंदौर क्लस्टर में 96 से अधिक, पीथमपुर-धार में 57 से अधिक और भोपाल-रायसेन में 36 से अधिक फार्मा इकाइयां संचालित हैं। प्रदेश में 40 मेडिकल कॉलेज, 200 से अधिक फार्मेसी कॉलेज और 140 से अधिक इंजीनियरिंग कॉलेज हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज ‘फार्मेसी ऑफ द वल्र्ड’ के रूप में पहचान बना चुका है। भारतीय दवाएं 200 से अधिक वैश्विक बाजारों में पहुंच रही हैं।









