सवारी एक हो या 5 लगेंगे 100 रुपए

ऑटो-ई- रिक्शा वालों ने बढ़ाया किराया, बोले-100 रुपए ही लगेेंगे
देवास गेट बस स्टैंड नानाखेड़ा शिफ्ट, दोनों जगह प्रशासन की सख्ती
भीड़भाड़ से भरी रहने वाली होटल-रेस्टोरेंट खाली, सिर्फ स्टाफ के लोग
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के चलते शहर में फंस रहे ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए देवासगेट बस स्टैंड सोमवार सुबह से अनिश्चतकाल के लिए बंद कर दिया गया। प्रशासनिक सख्ती के कारण देवासगेट स्टैंड पर एक भी बस नहीं आई, पर जानकारी नहीं होने से यात्री जरूर यहां पहुंच गए। ऐसे में उनको नानाखेड़ा स्टैंड तक जाने की मशक्कत करनी पड़ी। इसका फायदा ऑटो- ई-रिक्शा वालों ने उठाया। उन्होंने जमकर चांदी काटी। प्रति सवारी 100 रुपए तक किराया वसूला। शिफ्टिंग की वजह से देवासगेट क्षेत्र सूनसान रहा।
रेस्टोरेंट, होटलें खाली रहीं और दुकानदार ग्राहक का रास्ता देखते रहे। दूसरी ओर नानाखेड़ा का सीन एकदम बदल गया। यहां बसों की भीड़ बढ़ गई और यात्रियों की चहल-पहल भी। अक्षरविश्व रिपोर्टर सुमित कुमार ने दोनों बस स्टैंड का मुआयना किया। पेश है उनकी लाइव रिपोर्ट।
सवारी एक हो या 5 लगेंगे 100 रुपए
देवासगेट स्टैंड शिफ्ट होने से सबसे ज्यादा फजीहत उन यात्रियों को हुई, जिन्हें शिफ्टिंग का पता नहीं था। इनमें ग्रामीण क्षेत्र के यात्री अधिक थे। ऐसे में वे ऑटो- ई-रिक्शा चालक की मनमानी का शिकार हुए। सोमवार को एक सवारी ने ऑटोरिक्शा (एमपी 13 आर 3879) के चालक से पूछा कि नानाखेड़ा जाना है, कितने रुपए लगेंगे तो ड्राइवर ने पहले पूछा- कितनी सवारी है। फिर बोला- सवारी एक हो या 5 किराया पूरे 100 रुपए लगेगा।
बुजुर्ग देवास गेट से पैदल चल पड़े
बडऩगर के रहने वाले 75 साल के ऊंकार लाल बेटी के घर आए थे। उन्हें वापस बडऩगर जाना था। उनके पास स्टैंड शिफ्टिंग की सूचना नहीं थी। ऐसे में वे बस पकडऩे के लिए देवास गेट पहुंच गए। यहां बस नानाखेड़ा से मिलने की जानकारी मिली तो वह परेशान हो गए। उन्होंने नानाखेड़ा जाने का रास्ता पूछा और पैदल ही चल पड़े।
रेस्टोरेंट खाली ग्राहक को तरसे
यात्रियों की चहल-पहल वाले देवासगेट क्षेत्र की दुकानों की हालत खराब थी। रविवार तक इन होटलों और रेस्टोरेंट में यात्रियों के कारण पैर रखने की जगह नहीं मिलती थी, आज दुकानदार यहां ग्राहकों का इंतजार कर रहे थे।
नानाखेड़ा स्टैंड यात्रियों और बस से आबाद
यहां क्लीनर- कंडक्टर बडऩगर, मक्सी, तराना, आगर-मालवा, सोयत, सुसनेर, महिदपुर, रतलाम की तरफ जाने वाले यात्रियों को आवाज देकर बुलाते रहे। इन शहरों की सारी बसें सुबह ही नानाखेड़ा पहुंच गई थीं। यहां भी आरटीओ, ट्रैफिक के कर्मचारी सख्ती करते देखे गए। हालांकि आगर, सोयत, सुसनेर, नलखेड़ा की कुछ बसें मकोडिय़ा आम से भी चलीं। ऐसे में यहां के यात्रियों के बीच गफलत की स्थिति रही।









