नीला ड्रम हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला

मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाई है। दोनों पर मुस्कान के पति सौरभ राजपूत की हत्या कर उसके शव को नीले ड्रम में छिपाने का आरोप था। बुधवार, 14 अक्टूबर को सजा के ऐलान के दौरान दोनों आरोपियों को जिला जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया।
30 सितंबर को दोषी करार दिए गए थे दोनों
इस चर्चित मामले में जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने 30 सितंबर को मुस्कान रस्तोगी और साहिल को दोषी ठहराया था। इसके बाद सजा सुनाने के लिए 14 अक्टूबर की तारीख तय की गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपों के समर्थन में गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य पेश किए।
13 महीने तक चली सुनवाई
सौरभ राजपूत हत्याकांड का ट्रायल जुलाई 2025 में शुरू हुआ था। करीब 13 महीने तक चली न्यायिक प्रक्रिया के दौरान 126 तारीखों पर सुनवाई हुई और 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इस मामले पर देशभर की नजरें बनी हुई थीं।
सौरभ के परिवार ने की थी फांसी की मांग
मृतक सौरभ राजपूत के परिवार ने अदालत से दोनों दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की थी। सौरभ के भाई राहुल ने इंसाफ मिलने की उम्मीद जताते हुए कहा था कि परिवार शुरू से ही दोषियों के लिए कड़ी सजा चाहता था।
नीले ड्रम में मिला था सौरभ का शव
यह हत्याकांड उस समय देशभर में चर्चा में आया, जब सौरभ राजपूत का शव उसके घर में नीले ड्रम के अंदर मिला था। पुलिस ने 19 मार्च 2025 को मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार किया था। मामले में पति की हत्या और शव को छिपाने के आरोपों ने लोगों को झकझोर दिया था।









