शाह बोले- एसआईआर 2024 में आया, कांग्रेस पहले से ही हार रही

विपक्ष के प्रदर्शन के बीच पहला बयान : राहुल के नेतृत्व में 2029 का चुनाव भी हारेगी
नईदिल्ली, एजेंसी। देशभर में एसआईआर और चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को पहली बार बयान दिया। उन्होंने कहा- राहुल गांधी एसआईआर की आड़ में घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। इस देश की जनता उनके एजेंडे को अच्छी तरह समझती है।
उन्होंने कहा- एसईआर प्रक्रिया 2024 के बाद शुरू हुई, जबकि राहुल गांधी के राजनीति में आने के बाद से ही कांग्रेस लगातार चुनाव हार रही है। मैं राहुल से कहना चाहता हूं कि 2029 में एक बार फिर करारी हार के लिए तैयार रहें। शाह ने कहा- 2029 के लोकसभा चुनाव में एनडीए भारी बहुमत से जीत हासिल करेगा और कांग्रेस को लगातार चौथी हार का सामना करना पड़ेगा। इस देश की जनता पीएम मोदी, भाजपा और एनडीए के साथ है। आप इस सच को नकार नहीं सकते।
क्या गुजरात निकाय चुनावों में हार की वजह भी एसआईआर शाह ने गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की जीत का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी ने कुल 104 सीटों में से 90 सीटें जीती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या गुजरात निकाय चुनावों में कांग्रेस की हार की वजह भी एसआईआर है? उन्होंने कहा- गुजरात निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी ने सभी 32 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन हर सीट पर उसकी जमानत जब्त हो गई। कांग्रेस 41 साल से गुजरात में एक भी चुनाव नहीं जीती है। कांग्रेस ने आखिरी चुनाव 1985 में जीता था।
बैलेट पेपर से चुनाव हुए, फिर मशीनों पर सवाल क्यों?
शाह ने त्रिपुरा के ग्राम समिति चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि एनडीए ने करीब 77.5त्न वोट हासिल किए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस 4,600 सीटों में से केवल 14 सीटें जीत सकी। उन्होंने चुनाव नतीजों के लिए बैलेट मशीनों को जिम्मेदार ठहराने वालों पर निशाना साधते हुए कहा- जिन चुनावों को लेकर आरोप लग रहे हैं, वे बैलेट पेपर से कराए गए थे। इससे भाजपा की जीत के लिए बैलेट मशीनों को जिम्मेदार ठहराने का तर्क खारिज होता है। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में 33 साल से कांग्रेस का कोई मुख्यमंत्री नहीं बना है। पश्चिम बंगाल और गुजरात में भी कांग्रेस लंबे समय से चुनाव नहीं जीत रही है। शाह ने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या इन नतीजों को भी एसआईआर से जोड़ेंगे?
बंगाल-तमिलनाडु उपचुनावों में भी नहीं जीती कांग्रेस
शाह ने हाल में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में हुए उपचुनावों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस इनमें एक भी सीट नहीं जीत सकी। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के नाओगांव में भाजपा उम्मीदवार ने 1.42 लाख वोटों के अंतर से जीत हासिल की, जबकि नंदीग्राम में भाजपा उम्मीदवार 1.22 लाख वोटों से जीते। राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा ने 90 प्रतिशत नगर निगमों, 66 प्रतिशत नगर परिषदों और 65 प्रतिशत नगरपालिकाओं में जीत हासिल की।









