सड़क से लेकर सदन तक में लडऩे वाला दबंग राजनेता नहीं रहा

12 साल पहले 150 फीट चौड़ा आगररोड बनवाने वाले प्रोगेसिव नेता पूर्व महापौर-विधायक रामेश्वर अखंड का निधन
उज्जैन। सड़क से लेकर सदन तक सिंद्धातों की प्रतिबद्धता के साथ लड़ाई लडऩे वाले दबंग नेता रामेश्वर अखंड घट्टिया विधानसभा से दो बार विधायक, राज्य अनुसूचित आयोग के अध्यक्ष और उज्जैन के महापौर भी रहे। उनके महापौर कार्यकाल में ही आगर रोड 150 फीट चौड़ा हुआ था।
बैरवा समाज के अखंड को भूरेलाल फिरोजिया (सांसद अनिल फिरोजिया के पिता) जनसंघ में लाए थे। वे सिद्धांतों को पक्के और सादगी पसंद थे। उनकी राजनीतिक पारी यूं तो पार्षद चुनाव से हुई थी लेकिन सफलता घट्टिया विधानसभा से 1990 में मिली। 1990 और 1993 में वे विधायक बने। कांग्रेस सरकार के दौर में उन्होंने दबंगई से जनता का पक्ष विधानसभा में रखा। 2010में महापौर चुनाव जीता।
इसलिए याद रखे जाएंगे अखंड
150 फीट चौड़ा आगर रोड बनवाया। अगले 30 सालों की प्लानिंग के हिसाब से यह सड़क बनवाई। संकरे कमरी मार्ग- केडी गेट सड़क को चौड़ा करवाया। अफसरों पर नकेल कसी। कई आयुक्तों को हटवाया। गलत अभिमत देने पर तत्कालीन एसपी सतीश सक्सेना की रूखसती करवाई। सिद्धांतों से कभी भी समझौता नहीं किया। अपनी बात प्रखरता से रखी।
भाजपा के दिग्गज बोले- लोकप्रिय, सिद्धांतवादी और प्रखर राजनेता
अखंडजी जननेता थे। वह पार्टी, समाज और आम जनता के लिए ही बने थे। उनकी प्रशासनिक पकड़ की आज भी नगर निगम में चर्चा होती है।
मुकेश टटवाल, महापौर
अखंड जी ने उस समय राजनीति की शुरुआत की थी,जब जनसंघ को बैरवा समाज के कार्यकर्ता नहीं मिलते थे। मेरे पिता उन्हें राजनीति में लाए थे। वह दबंग, लोकप्रिय और सिद्धांतवादी नेता थे।
अनिल फिरोजिया, सांसद
अखंड जी प्रखर, लोकप्रिय और सिद्धांतों की राजनीति करने वाले नेता थे।उन्होंने आम आदमी की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ी। उनका जाना बहुत ही पीड़ादायक है।
डॉ. चिंतामणि मालवीय, विधायक
अखंड जी जो सिर्फ जनता के लिए बने थे। सिद्धांतों से उन्होंने कभी भी समझौता नहीं किया। वह अनुशासित सिपाही थे।
अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक
अखंडजी और मेरा करीब 40 साल पुराना दोस्ताना है। घट्टिया विधानसभा से पहला चुनाव लडऩे के दौरान हमारी प्रगाढ़ता और बढ़ी और अब तक रही। वह सड़क से सदन तक लड़ाई लडऩे का माद्दा रखते थे। बेबाक बोलते थे। सबसे अच्छी बात वह सही को सही और गलत को गलत कहने में संकोच नहीं करते थे।
किशनसिंह भटोल,प्रदेश संयोजक भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ
अखंडजी की बात ही अलग थी।संगठन के साथ वह एक अच्छे शासक भी थे। विपक्ष के विधायक रहते हुए उन्होंने जनता की आवाज विधानसभा में प्रखरता से उठाई तो महापौर रहते जनता को सुविधा दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। हरिफाटक ब्रिज से आगरनाके तक का रोड उनके ही कार्यकाल में बना। कमरी मार्ग-केडी गेट को भी उन्होंने ही चौड़ा करवाया।
जगदीश अग्रवाल, अध्यक्ष सिंहस्थ मेला प्राधिकरण
अखंड जी बड़े दिल वाले थे।1998 के चुनाव में हमारा आमना-सामना हुआ था। मैं पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहा था और वह तीसरी बार। मैं तब कांग्रेस से और वह भाजपा से मैदान मे थे।प्रचार के दौरान आमने-सामने होते तो एक दूसरे का अभिवादन करते। परिणाम वाले दिन हारने के बाद मेरे पास आए, बधाई दी और बोले अब आपको विधानसभा संभालना है।
रामलाल मालवीय सदस्य,
राज्य अनुसूचित जाति आयोग
रामेश्वर जी एक बेहतरीन प्रशासक थे। वह जहां भी रहे, अपने काम से प्रभावित किया। विधायक रहते घट्टिया विधानसभा की आवाज उठाई तो महापौर रहते जनसुविधाओं के काम करवाएं। आगर रोड का मौजूदा स्वरूप उनकी ही देन है। अगर वह नहीं होते तो यह रोड चौड़ा नहीं हो सकता था।
शिवेंद्र तिवारी,
वरिष्ठ पार्षद (अखंड जी एमआईसी में सदस्य रहे हैं)









