नवरात्र : तिथियों के फेर में उलझी अष्टमी की नगर पूजा अब कल

27 किलोमीटर के दायरे में आने वाले 40 मंदिरों में होगी पूजा
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। उज्जैन में शारदीय नवरात्र में होने वाली नगर पूजा तिथियों के फेर में उलझ गई है। अब रविवार के बजाय यह सोमवार को होगी। पहले यह रविवार को होनी थी। हालांकि ज्योतिषी रविवार को ही अष्टमी पूजन उपयुक्त मान रहे हैं।
दरअसल, उज्जैन में शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर नगरपूजा करने की परंपरा है। इसके तहत चौबीस खंबा माता मंदिर पर मदिरा अर्पित कर नगरपूजा की शुरुआत की जाती है। करीब 27 किलोमीटर की यात्रा राजस्व विभाग के कर्मचारी, चौकीदार और पटवारी करते हैं। इस दौरान यह शहर के करीब 40 से ज्यादा मंदिरों तक जाते हैं और देवी-देवताओं को नगर की शांति, समृद्धि और कल्याण के लिए भोग समर्पित करते हैं। यह भोग चौबीस खंबा माता मंदिर परिसर में ही तैयार किया जाता है। कलेक्टर खुद मदिरा की धार मां को अर्पित करते हैं। नगरपूजा का समापन गढ़कालिका क्षेत्र स्थित हांडीफोड़ भैरव मंदिर मेंं होता है। तिथियों के हिसाब से पहले पूजन रविवार की सुबह होना था, फिर इसे बदलकर सोमवार सुबह 7 बजे किया गया है।
अष्टमी पूजन आज और नवमी पूजन कल
स्मृति विज्ञान अवंतिका शोध समिति के पं. रामचंद्र नायक ने बताया कि सूर्य सिद्धांत पंचांग अनुसार रविवार को पूर्ण अष्टमी है। व्रत, पर्व आदि में सिद्धांत ज्योतिष के अनुसार तिथि की गणना की जाना चाहिए। जबकि ग्रहण आदि में दृक साध्य गणित के अनुसार निर्णय करना चाहिए। स्कंद पुराण के वचन एवं विष्णुधर्मोत्तर के वचनों के प्रमाण अनुसार तिथि आदि में सिद्धांत दिए पंचांग का प्रयोग होता है। नायक के मुताबिक इस हिसाब से सोमवार को अष्टमी दिनभर रहेगी। सोमवार को आ रही नवमी अष्टमी युक्त रहेगी। मंगलवार को दशमी युक्त नवमी रहेगी। इस दिन नवमी पूजन नहीं करना चाहिए।









