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एसेंशियल ऑयल इस्तेमाल करते समय न करें ये 10 गलतियां

सोशल मीडिया पर एसेंशियल ऑयल के इस्तेमाल से जुड़े कई वीडियो देखने को मिलते हैं। कहीं इन्हें बालों की ग्रोथ बढ़ाने का तरीका बताया जाता है, तो कहीं त्वचा की चमक और तनाव कम करने के लिए इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। ऐसे वीडियो देखकर कई लोग इन तेलों का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं।

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एसेंशियल ऑयल पौधों के अलग-अलग हिस्सों से निकाले जाते हैं। प्राकृतिक होने के कारण कई लोग इन्हें पूरी तरह सुरक्षित मान लेते हैं, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। ये तेल काफी गाढ़े और कंसंट्रेटेड होते हैं। गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर त्वचा में जलन, खुजली, एलर्जी और दूसरी परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए इन्हें खरीदने से लेकर इस्तेमाल करने और स्टोर करने तक सावधानी बरतना जरूरी है। आइए जानते हैं कि एसेंशियल ऑयल क्या होते हैं, इनका इस्तेमाल किन कामों में किया जाता है और किन 10 गलतियों से बचना चाहिए।

क्या होते हैं एसेंशियल ऑयल?

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एसेंशियल ऑयल ऐसे सुगंधित तेल होते हैं, जिन्हें लैवेंडर, पेपरमिंट, टी ट्री, यूकेलिप्टस और रोजमेरी जैसे पौधों के फूलों, पत्तियों, छाल या दूसरे हिस्सों से निकाला जाता है। इनमें पौधों की खास खुशबू और कई प्राकृतिक रासायनिक तत्व मौजूद होते हैं। इनका इस्तेमाल आमतौर पर अरोमाथेरेपी, कमरे में खुशबू फैलाने, मसाज और कुछ स्किन केयर व हेयर केयर प्रोडक्ट्स में किया जाता है। हालांकि, हर तेल का इस्तेमाल एक जैसा नहीं होता। किसी तेल को त्वचा पर लगाने के लिए उपयुक्त माना जा सकता है, जबकि दूसरे तेल से जलन या एलर्जी का खतरा हो सकता है। इसलिए उपयोग से पहले उसके लेबल और निर्देशों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है।

कौन-कौन से एसेंशियल ऑयल हैं लोकप्रिय?

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बाजार में कई तरह के एसेंशियल ऑयल मिलते हैं। इनमें लैवेंडर, पेपरमिंट, टी ट्री, यूकेलिप्टस, लेमनग्रास, रोजमेरी, फ्रैंकिंसेंस, जैस्मिन और कैमोमाइल ऑयल शामिल हैं। इनका इस्तेमाल मुख्य रूप से खुशबू, अरोमाथेरेपी और कुछ व्यक्तिगत देखभाल से जुड़े उत्पादों में किया जाता है। उदाहरण के लिए, लैवेंडर ऑयल अपनी खुशबू के कारण रिलैक्सेशन से जुड़ी गतिविधियों में लोकप्रिय है। पेपरमिंट ऑयल ठंडक का एहसास दे सकता है, जबकि रोजमेरी और टी ट्री ऑयल कुछ स्किन और हेयर केयर उत्पादों में इस्तेमाल किए जाते हैं। ध्यान रखें कि किसी तेल का लोकप्रिय होना इस बात की गारंटी नहीं है कि वह हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित है या किसी समस्या का इलाज कर सकता है।

एसेंशियल ऑयल इस्तेमाल करते समय न करें ये 10 गलतियां

एसेंशियल ऑयल का गलत इस्तेमाल त्वचा और स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां पैदा कर सकता है। इसलिए इसके इस्तेमाल के दौरान इन 10 गलतियों से बचना चाहिए।

1. सीधे त्वचा पर न लगाएं

एसेंशियल ऑयल बहुत ज्यादा कंसंट्रेटेड होते हैं। इन्हें बिना पतला किए सीधे त्वचा पर लगाने से जलन, खुजली, लालिमा या एलर्जी हो सकती है। खासकर संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए। इस्तेमाल से पहले जांच लें कि संबंधित तेल को त्वचा पर लगाना सुरक्षित है या नहीं। जरूरत होने पर इसे उपयुक्त कैरियर ऑयल में निर्देशों के अनुसार मिलाएं। हर तेल के लिए एक ही डाइल्यूशन अनुपात सही नहीं होता, इसलिए उत्पाद के निर्देशों या विशेषज्ञ की सलाह का पालन करें।

2. आंखों और संवेदनशील हिस्सों पर न लगाएं

आंखों, होंठों, नाक के अंदर और प्राइवेट पार्ट्स जैसे संवेदनशील हिस्सों पर एसेंशियल ऑयल लगाने से तेज जलन और नुकसान हो सकता है। इन जगहों की त्वचा और ऊतक अधिक संवेदनशील होते हैं। इसलिए ऐसे हिस्सों पर तेल लगाने से बचें। अगर गलती से तेल आंख में चला जाए, तो कॉन्टैक्ट लेंस निकालकर आंख को 15 से 20 मिनट तक साफ बहते पानी से धोएं। आंख में दर्द, लालिमा या धुंधला दिखने जैसी समस्या हो तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

3. जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल न करें

कई लोग सोचते हैं कि तेल की मात्रा बढ़ाने से फायदा भी ज्यादा मिलेगा। लेकिन एसेंशियल ऑयल के मामले में ऐसा करना नुकसानदायक हो सकता है। ज्यादा मात्रा से त्वचा में जलन, एलर्जी, सिरदर्द या तेज खुशबू के कारण बेचैनी हो सकती है। हमेशा उत्पाद पर दिए निर्देशों के अनुसार ही इस्तेमाल करें। डिफ्यूजर में भी जरूरत से ज्यादा तेल न डालें और इसे लगातार लंबे समय तक चलाने से बचें।

4. एसेंशियल ऑयल पीने की गलती न करें

एसेंशियल ऑयल आमतौर पर खाने या पीने के लिए नहीं होते। इन्हें निगलने से मुंह और पेट में जलन, उल्टी, विषाक्तता या दूसरी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। कुछ तेल कम मात्रा में भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए बिना योग्य चिकित्सा विशेषज्ञ की स्पष्ट सलाह के इन्हें कभी न निगलें। अगर कोई व्यक्ति या बच्चा गलती से तेल पी ले, तो उल्टी कराने की कोशिश न करें। तुरंत डॉक्टर या स्थानीय विष नियंत्रण सेवा से संपर्क करें और तेल की बोतल अपने पास रखें।

5. छोटे बच्चों पर बिना सलाह इस्तेमाल न करें

शिशुओं और छोटे बच्चों की त्वचा अधिक संवेदनशील होती है। कुछ एसेंशियल ऑयल बच्चों के लिए खास तौर पर नुकसानदायक हो सकते हैं। तेज खुशबू या तेल के संपर्क से कुछ बच्चों को सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है। इसलिए बच्चों पर इनका इस्तेमाल करने से पहले बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लें। तेल की बोतल हमेशा बच्चों की पहुंच से दूर रखें और इसे उनकी त्वचा पर लगाने या उनके आसपास डिफ्यूज करने में सावधानी बरतें।

6. डिफ्यूजर को लंबे समय तक न चलाएं

कमरे में खुशबू फैलाने के लिए एसेंशियल ऑयल डिफ्यूजर का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन इसे लगातार लंबे समय तक चलाने से कुछ लोगों को सिरदर्द, आंखों या नाक में जलन और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। डिफ्यूजर का इस्तेमाल उत्पाद के निर्देशों के अनुसार सीमित समय के लिए करें। कमरे में हवा आने-जाने की उचित व्यवस्था रखें। अगर घर में छोटे बच्चे, पालतू जानवर या सांस की समस्या वाले लोग हैं, तो अतिरिक्त सावधानी बरतें। परेशानी महसूस होने पर डिफ्यूजर बंद कर दें और ताजी हवा में जाएं।

7. बिना जानकारी के कई तेल एक साथ न मिलाएं

अलग-अलग एसेंशियल ऑयल को मिलाकर इस्तेमाल करना कुछ उत्पादों में सामान्य है, लेकिन बिना जानकारी के कई तेल मिलाने से त्वचा पर होने वाले प्रभाव का अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है। इससे जलन या एलर्जी का खतरा भी बढ़ सकता है। किसी भी तरह का मिश्रण तैयार करने से पहले हर तेल की सुरक्षा और इस्तेमाल के निर्देश समझें। पहली बार कई तेल एक साथ इस्तेमाल करने के बजाय किसी विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

8. एक्सपायर्ड या बदले हुए तेल का इस्तेमाल न करें

समय के साथ एसेंशियल ऑयल हवा, रोशनी और गर्मी के संपर्क में आकर ऑक्सीडाइज हो सकते हैं। इससे उनकी गुणवत्ता बदल सकती है और त्वचा पर प्रतिक्रिया होने का खतरा बढ़ सकता है। तेल की एक्सपायरी डेट और पैकेज पर दिए निर्देश जरूर देखें। अगर उसकी गंध, रंग या बनावट में असामान्य बदलाव दिखे, तो इस्तेमाल न करें। केवल खुशबू देखकर तेल की सुरक्षा तय नहीं की जा सकती।

9. तेल को गलत तरीके से स्टोर न करें

एसेंशियल ऑयल को खुला छोड़ने या गर्म और तेज रोशनी वाली जगह पर रखने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। बोतल का ढक्कन ठीक से बंद न करने पर तेल हवा के संपर्क में भी आ सकता है। इस्तेमाल के बाद बोतल का ढक्कन अच्छी तरह बंद करें। इसे ठंडी, सूखी और सीधी धूप से दूर जगह पर रखें। बच्चों की पहुंच से दूर रखना भी जरूरी है। स्टोर करने के लिए उत्पाद के लेबल पर दिए निर्देशों का पालन करें।

10. कुछ सिट्रस ऑयल लगाने के बाद धूप में जाने से बचें

नींबू, बर्गमोट और कुछ दूसरे सिट्रस पौधों से निकाले गए तेलों में ऐसे तत्व हो सकते हैं, जिनसे त्वचा धूप के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाती है। इसे फोटोसेंसिटिविटी कहा जाता है। ऐसे तेल लगाने के बाद धूप में जाने पर त्वचा में जलन, लालिमा या सनबर्न हो सकता है। हालांकि, यह जोखिम हर सिट्रस ऑयल में एक जैसा नहीं होता। तेल किस तरीके से निकाला गया है, इस पर भी असर निर्भर करता है। इसलिए इस्तेमाल से पहले लेबल पर फोटोसेंसिटिविटी से जुड़ी चेतावनी पढ़ें और जरूरत पड़ने पर त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें।

एसेंशियल ऑयल इस्तेमाल करने का सही तरीका क्या है?

एसेंशियल ऑयल इस्तेमाल करने से पहले यह समझना जरूरी है कि हर तेल का उपयोग अलग हो सकता है। सबसे पहले उत्पाद का लेबल पढ़ें और देखें कि उसे त्वचा पर लगाने, डिफ्यूजर में इस्तेमाल करने या किसी दूसरे तरीके से उपयोग करने के लिए बनाया गया है या नहीं। त्वचा पर लगाने के लिए जरूरी होने पर उपयुक्त कैरियर ऑयल का इस्तेमाल करें और सही मात्रा के निर्देशों का पालन करें। इसे आंखों, नाक के अंदर या अन्य संवेदनशील हिस्सों से दूर रखें। डिफ्यूजर का उपयोग करते समय कमरे में हवा आने-जाने की व्यवस्था रखें और परेशानी होने पर इसे बंद कर दें। एसेंशियल ऑयल को किसी बीमारी का इलाज मानकर डॉक्टर की बताई दवा की जगह इस्तेमाल न करें। गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली महिलाओं, एलर्जी या अस्थमा से पीड़ित लोगों और नियमित दवा लेने वालों को पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

एसेंशियल ऑयल का पैच टेस्ट कैसे करें?

किसी नए स्किन केयर उत्पाद को इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करने से त्वचा की संभावित प्रतिक्रिया का पता लगाने में मदद मिल सकती है। इसके लिए सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि तेल त्वचा पर इस्तेमाल करने के लिए उपयुक्त है और उसे निर्देशों के अनुसार पतला किया गया है।

इसके बाद थोड़ी मात्रा को बांह के अंदरूनी हिस्से की छोटी जगह पर लगाएं और उत्पाद के निर्देशों के अनुसार प्रतिक्रिया पर नजर रखें। लालिमा, खुजली, जलन या सूजन दिखाई दे तो इस्तेमाल बंद कर दें। प्रतिक्रिया न होने पर भी यह गारंटी नहीं होती कि आगे इस्तेमाल करने पर एलर्जी नहीं होगी। अगर पहले से त्वचा की बीमारी या गंभीर एलर्जी की समस्या है, तो खुद पैच टेस्ट करने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें।

किन लोगों को एसेंशियल ऑयल इस्तेमाल करते समय ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए?

संवेदनशील त्वचा, एलर्जी या अस्थमा से पीड़ित लोगों को एसेंशियल ऑयल इस्तेमाल करने से पहले विशेष सावधानी रखनी चाहिए। जिन लोगों की नियमित दवाएं चल रही हैं या जिन्हें कोई गंभीर बीमारी है, उन्हें भी डॉक्टर से सलाह लेना उचित है। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी किसी नए एसेंशियल ऑयल का इस्तेमाल शुरू करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए। छोटे बच्चों और पालतू जानवरों के आसपास तेल का इस्तेमाल करते समय भी उसकी सुरक्षा संबंधी जानकारी जरूर जांचें।

एसेंशियल ऑयल से एलर्जी या जलन हो तो क्या करें?

अगर एसेंशियल ऑयल लगाने के बाद त्वचा पर लालिमा, खुजली, रैश, जलन या सूजन दिखाई दे, तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें। प्रभावित हिस्से को साबुन और पानी से धीरे-धीरे धोएं और त्वचा को रगड़ने से बचें। अगर लक्षण बढ़ रहे हों, दर्द या सूजन अधिक हो या परेशानी दूर न हो, तो डॉक्टर से संपर्क करें। सांस लेने में परेशानी या चेहरे, होंठ और जीभ में अचानक सूजन होने पर तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।

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अगर बच्चा गलती से एसेंशियल ऑयल पी ले तो क्या करें?

एसेंशियल ऑयल निगलना बच्चों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। ऐसी स्थिति में बच्चे को उल्टी कराने की कोशिश न करें और डॉक्टर की सलाह के बिना कोई घरेलू उपाय न अपनाएं। तुरंत स्थानीय विष नियंत्रण सेवा या नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें। तेल की बोतल या उसका लेबल अपने पास रखें, ताकि डॉक्टर को उत्पाद की सही जानकारी मिल सके। बच्चे में खांसी, उल्टी, असामान्य सुस्ती या सांस लेने में परेशानी हो तो इसे आपात स्थिति मानें।

एसेंशियल ऑयल इस्तेमाल करने से पहले याद रखें ये जरूरी बातें

  • इस्तेमाल से पहले उत्पाद का लेबल और निर्देश पढ़ें।
  • त्वचा पर लगाने से पहले सही डाइल्यूशन की जानकारी लें।
  • आंखों और संवेदनशील हिस्सों पर न लगाएं।
  • तेल को कभी भी बिना चिकित्सकीय सलाह के न निगलें।
  • एक्सपायरी डेट और स्टोरेज संबंधी निर्देशों का ध्यान रखें।
  • किसी तरह की एलर्जी या परेशानी होने पर इस्तेमाल बंद करें।
  • बच्चों, गर्भवती महिलाओं और सांस की समस्या वाले लोगों के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें।

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