फॉर्म-6 में बदलाव नहीं, सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए, आज भी सुनवाई

चुनाव आयोग ने कोर्ट में रखा पक्ष, राहुल गांधी समेत 13 विपक्षी नेताओं की याचिका पर होगी सुनवाई
नईदिल्ली, एजेंसी। निर्वाचन आयोग ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षणÓ (एसआईआर) से जुड़े सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे। साथ ही कहा कि एसआईआर के फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया। नियमानुसार इस पर बदलाव का अधिकार केंद्र सरकार के पास है।
एसआईआर से जुड़ी राहुल गांधी समेत 13 विपक्षी नेताओं की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज भी सुनवाई होगी। सोमवार को आयोग ने शीर्ष अदालत में दाखिल हलफनामे में उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार निर्वाचन आयुक्तों डॉ. एसएस संधू और डॉ. विवेक जोशी की आपत्तियों को दरकिनार कर अकेले फैसला ले रहे हैं। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ के समक्ष आयोग ने उन याचिकाओं का कड़ा विरोध किया है, जिनमें ज्ञानेश कुमार द्वारा अकेले फैसले लेने का आरोप लगाया गया है। आयोग ने कहा, यह याचिका सिर्फ एक अखबार की रिपोर्ट पर आधारित है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
आयोग के हलफनामे के प्रमुख बिंदु
तीनों एसआईआर आदेश (जून 2025, अक्तूबर 2025, मई 2026) आयोग के सर्वसम्मत निर्णय थे।
एसआईआर को आयोग के तीनों सदस्यों यानी मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दोनों निर्वाचन आयुक्तों ने मंजूरी दी थी
फाइल आगे बढ़ते समय सीईसी या ईसी द्वारा दी गई टिप्पणियां, सवाल या सुझाव आयोग के फैसले नहीं माने जाते।
फाइलें पहले एक ईसी के पास, फिर दूसरे ईसी के पास और अंत में सीईसी के पास जाती हैं। जरूरी मामलों में, मंजूरी इलेक्ट्रॉनिक तरीके से ली जाती है और बाद में फाइल में दर्ज कर दी जाती है।
यदि कोई अधिकारी अपनी तय शक्तियों से बाहर जाकर आदेश जारी करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
घोषणा से भ्रम संभव
निर्वाचन आयोग ने कहा कि उसने फॉर्म 6 में कोई बदलाव नहीं किया है। आयोग ने कहा कि ‘एसआईआर की घोषणाÓ अलग दस्तावेज है। हालांकि, आयोग ने यह स्वीकार किया कि ऑनलाइन डिस्प्ले को संशोधन के रूप में समझा जा सकता है। निर्वाचन आयोग ने यह हलफनामा राकेश कुमार सिंह की एक याचिका के जवाब में दाखिल किया था।
क्या आरोप लगाए थे
एक अखबार ने दावा किया था कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने निर्वाचन आयुक्त की आपत्ति को दरकिनार कर अकेले कई फैसले लिए। आरोप में कहा गया कि संधू और जोशी ने 10 महीनों में 14 मौकों पर सीईसी कुमार के फैसलों पर आपत्ति जताई, जिसमें एसआईआर, मतदाता पंजीकरण शामिल थे।
अभिनेता इमरान खान भारत छोड़ेंगे या नहीं, फैसला आज
मुंबई। अभिनेता आमिर खान के भांजे अभिनेता इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोडऩे का निर्देश देने वाले मुंबई पुलिस के नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका पर मुंबई उच्च न्यायालय मंगलवार को सुनवाई करेगा। अमेरिकी नागरिक इमरान खान को मुंबई में राजनीतिक प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। इसके बाद मुंबई पुलिस ने उन्हें देश छोडऩे का नोटिस जारी किया था।









