कैंसर की दवाओं के दाम में 93% तक की कटौती, कब से लागू होंगी ये कीमतें?

कैंसर का इलाज करा रहे मरीजों और उनके परिवारों के लिए दवाओं की कीमतों से जुड़ी बड़ी राहत की खबर सामने आई है। नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने 137 नॉन-शेड्यूल्ड एंटी-कैंसर दवाओं की संशोधित अधिकतम खुदरा कीमतें (MRP) जारी की हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कुछ दवाओं की कीमतों में 90 प्रतिशत से ज्यादा की कटौती हुई है। इन नई दरों को 9 नवंबर 2026 से लागू किया जाना है।
दवाओं की कीमतों में यह बदलाव 30 प्रतिशत ट्रेड मार्जिन कैप से जुड़ा है। इसका उद्देश्य कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की कीमतों को नियंत्रित करना और मरीजों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है। हालांकि, सभी कैंसर दवाएं सस्ती नहीं हुई हैं। कुछ महंगी दवाओं की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जबकि 27 दवाओं की संशोधित कीमतें उपलब्ध जानकारी में अभी दर्ज नहीं थीं।
कैंसर की किन दवाओं के दाम सबसे ज्यादा घटे?
जारी आंकड़ों के अनुसार, कुछ दवाओं की कीमतों में भारी कमी देखने को मिली है। इनमें ब्रेस्ट कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर और दूसरे प्रकार के कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं शामिल हैं।
1. पाल्बोप्रो की कीमत में 93.3% की कटौती
पाल्बोप्रो (Palbopro) की 125 mg की 21 कैप्सूल वाली पैक की कीमत में सबसे बड़ी कटौतियों में से एक दर्ज की गई है। पाल्बोसिक्लिब (Palbociclib) वाली इस दवा की कीमत पहले 40,421.33 रुपये थी, जो घटकर 2,720 रुपये रह गई है। इस तरह एक पैक की कीमत में 37,701.33 रुपये की कमी हुई है। प्रतिशत के हिसाब से यह करीब 93.3 फीसदी की गिरावट है। पाल्बोसिक्लिब का इस्तेमाल कुछ प्रकार के ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में किया जाता है।
2. अबिरालाइव के दाम 83% घटे
प्रोस्टेट कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली अबिरालाइव (Abiralive) की 250 mg की 120 टैबलेट वाली पैक की कीमत भी कम की गई है।
| विवरण | कीमत |
|---|---|
| पुरानी कीमत | ₹28,000 |
| नई कीमत | ₹4,840 |
| कुल कमी | ₹23,160 |
| कीमत में गिरावट | लगभग 83% |
यह बदलाव उन मरीजों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है जिन्हें डॉक्टर की सलाह पर लंबे समय तक इस दवा की जरूरत पड़ती है। वास्तविक खर्च मरीज की निर्धारित खुराक और इलाज की अवधि पर निर्भर करेगा।
3. सैमटेपा की कीमत 91% से ज्यादा घटी
थियोटेपा (Thiotepa) 100 mg वाली सैमटेपा (Samtepa) इंजेक्शन वायल की कीमत 80,071.86 रुपये से घटकर 7,150.33 रुपये हो गई है। इसमें प्रति वायल 72,921.53 रुपये की कमी हुई है। कीमत में यह गिरावट करीब 91.1 फीसदी है।
4. इवजुमैब की कीमत में 81% की कमी
बेवासिजुमैब (Bevacizumab) वाली इवजुमैब (Evzumab) 400 mg वायल की कीमत भी घटाई गई है।
| विवरण | कीमत |
|---|---|
| पुरानी कीमत | ₹69,852.12 |
| नई कीमत | ₹13,512 |
| कुल कमी | ₹56,340.12 |
| कीमत में गिरावट | लगभग 80.7% |
बेवासिजुमैब का इस्तेमाल कुछ प्रकार के कैंसर के इलाज में किया जाता है। हालांकि, इसका उपयोग किस मरीज में और किस उपचार के साथ किया जाएगा, यह डॉक्टर तय करते हैं।
5. ब्रैकाओन की कीमत में 34,790 रुपये से ज्यादा की कमी
ओलापैरिब (Olaparib) वाली ब्रैकाओन (BracAon) 150 mg पैक की कीमत में भी बड़ी कटौती हुई है। इसकी कीमत पहले 46,364.05 रुपये थी, जो घटकर 11,573.68 रुपये रह गई है। यानी एक पैक पर कीमत में 34,790.37 रुपये की कमी हुई है। ओलापैरिब का इस्तेमाल कुछ विशेष प्रकार के कैंसर के उपचार में किया जाता है। यह दवा हर कैंसर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं होती और इसका उपयोग चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही किया जाता है।
दूसरी कैंसर दवाओं के दाम में भी बड़ी राहत
कुछ अन्य दवाओं की कीमतों में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार:
| दवा और पैक | पुरानी कीमत | नई कीमत |
|---|---|---|
| वोमाजोल, एनास्ट्रोजोल 1 mg की 10 टैबलेट | ₹458.85 | ₹39.52 |
| अनारजोल, एनास्ट्रोजोल 1 mg की 10 टैबलेट | ₹695.76 | ₹73 |
| डेब्रुमैब, डेनोसुमैब 60 mg | ₹22,031.25 | ₹5,941 |
| एनुटा, एन्जालुटामाइड 40 mg की 28 कैप्सूल | ₹6,578.20 | ₹2,232 |
| अज़ासाइटिन 100 mg इंजेक्शन | ₹6,337 | ₹1,495.04 |
| दासानैट 20 mg की 60 टैबलेट | ₹2,812.50 | ₹1,085.93 |
| एरलीब 150 mg की 30 टैबलेट | ₹4,637.45 | ₹2,008 |
| फ्लूडानॉक्स 50 mg इंजेक्शन | ₹14,235 | ₹2,432 |
| फुलब्रेका 5 ml वायल | ₹26,072.16 | ₹5,491 |
इन आंकड़ों से पता चलता है कि कुछ दवाओं की कीमतों में हजारों से लेकर कई दसियों हजार रुपये तक की कमी हुई है। हालांकि, सही कीमत की पुष्टि संबंधित दवा के ब्रांड, पैक साइज और संशोधित अधिकतम खुदरा मूल्य के आधार पर की जानी चाहिए।
कैंसर की सभी दवाएं सस्ती नहीं हुईं
कीमतों में कटौती की खबर के बीच यह समझना भी जरूरी है कि हर कैंसर दवा के दाम कम नहीं किए गए हैं। कुछ महंगी दवाओं की कीमतों में बदलाव नहीं हुआ है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कीट्रूडा (Keytruda), जिसमें पेम्ब्रोलिजुमैब होता है, की 100 mg वायल की कीमत 2,16,500 रुपये पर बनी हुई है। इसी तरह टैग्रिसो (Tagrisso) की कीमत में भी बदलाव नहीं बताया गया है। कीमतों में बदलाव न होने के पीछे दवा की बाजार स्थिति, उपलब्ध प्रतिस्पर्धी ब्रांड और लागू मूल्य निर्धारण नियम जैसे कारक हो सकते हैं। हालांकि, किसी विशेष दवा की कीमत में बदलाव न होने का सटीक कारण संबंधित आधिकारिक आदेश से ही स्पष्ट होगा।
27 दवाओं की नई कीमतें अभी सामने नहीं आईं
कुल 137 नॉन-शेड्यूल्ड एंटी-कैंसर दवाओं की संशोधित कीमतों की जानकारी जारी किए जाने की बात कही गई है। लेकिन उपलब्ध विवरण के अनुसार, इनमें से 27 दवाओं की नई कीमतें कंपनियों की फाइलिंग में दर्ज नहीं थीं। इन दवाओं में अबेमासिक्लिब, कैबोजैन्टिनिब, डैब्राफेनिब, लाजर्टिनिब, सेलपर्सैटिनिब, सोरासिब और वेमुराफेनिब जैसे नाम शामिल हैं। इसलिए इन सभी दवाओं की कीमतों में कटौती हुई है, ऐसा मानना सही नहीं होगा। इनकी संशोधित दरों की जानकारी सामने आने के बाद ही वास्तविक बदलाव का पता चलेगा।
30% ट्रेड मार्जिन कैप का क्या मतलब है?
दवाओं की कीमतों में बदलाव के पीछे 30 प्रतिशत ट्रेड मार्जिन कैप का उल्लेख किया गया है। आसान शब्दों में, ट्रेड मार्जिन वह अंतर है जो दवा की खरीद लागत और उसकी बिक्री कीमत के बीच व्यापारिक स्तर पर जुड़ता है। जब इस मार्जिन पर सीमा लागू होती है, तो संबंधित दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य को संशोधित करना पड़ सकता है। इसका उद्देश्य दवा वितरण व्यवस्था में मार्जिन को नियंत्रित करना और मरीजों को उचित कीमत पर दवाएं उपलब्ध कराने में मदद करना है। हालांकि, किसी दवा की कीमत में कितनी कमी होगी, यह उसके ब्रांड, पैक और लागू मूल्य निर्धारण व्यवस्था पर निर्भर करता है।
मरीज नई कीमतों का लाभ कैसे लें?
संशोधित कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होने की बताई गई हैं। मरीज और उनके परिजन दवा खरीदने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें:
- दवा के पैक पर छपी अधिकतम खुदरा कीमत (MRP) जांचें।
- पुराने और नए ब्रांड या पैक की कीमत की तुलना करते समय दवा की मात्रा और स्ट्रेंथ का मिलान करें।
- जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या फार्मासिस्ट से संशोधित कीमत के बारे में पूछें।
- दवा खरीदते समय बिल जरूर लें।
- केवल कीमत कम होने के कारण दवा का ब्रांड, खुराक या उपचार अपने आप न बदलें।
कैंसर का इलाज मरीज की स्थिति और बीमारी के प्रकार के अनुसार तय किया जाता है। इसलिए किसी भी दवा में बदलाव करने से पहले इलाज कर रहे डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
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कैंसर की दवाओं की कीमतों में कटौती से क्या बदलेगा?
कैंसर का उपचार कई बार लंबे समय तक चलता है और इसमें महंगी दवाओं पर काफी खर्च हो सकता है। ऐसे में कुछ दवाओं की कीमतों में बड़ी कमी मरीजों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत देने में मदद कर सकती है। हालांकि, वास्तविक बचत इस बात पर निर्भर करेगी कि मरीज कौन-सी दवा ले रहा है, कितनी मात्रा में ले रहा है और संशोधित मूल्य उसके उपचार पर किस तरह लागू होता है।
कैंसर की 137 दवाओं की संशोधित कीमतों से जुड़ी यह जानकारी मरीजों के लिए महत्वपूर्ण है। कुछ दवाओं के दाम में 90 प्रतिशत से ज्यादा की कमी बताई गई है, लेकिन सभी दवाएं सस्ती नहीं हुई हैं। नई कीमतें लागू होने की तारीख और अपने ब्रांड की वास्तविक MRP की पुष्टि करके ही खरीदारी करें।









