त्योहारों में मिठाई, पनीर और दूध खरीदते समय रहें सावधान, ऐसे पहचानें मिलावट

त्योहार आते ही बाजारों में मिठाई, मावा, पनीर, दूध और घी की मांग बढ़ जाती है। घरों में पकवान बनने लगते हैं और मेहमानों के स्वागत के लिए तरह-तरह की मिठाइयां खरीदी जाती हैं। लेकिन इसी बढ़ती मांग के बीच खाद्य पदार्थों में मिलावट का खतरा भी चिंता बढ़ाता है। देखने में ताजा और अच्छी लगने वाली चीज की गुणवत्ता हमेशा सही हो, यह जरूरी नहीं है।
मिलावटी खाद्य पदार्थ सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। ऐसे में त्योहारों की खरीदारी करते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। दूध से लेकर पनीर और मिठाई तक, इनकी गुणवत्ता जांचने के लिए कुछ शुरुआती तरीके मददगार हो सकते हैं। हालांकि, केवल घरेलू जांच के आधार पर किसी खाद्य पदार्थ को पूरी तरह शुद्ध या मिलावटी घोषित नहीं किया जा सकता।
1. पनीर खरीदते समय कैसे पहचानें मिलावट?
त्योहारों पर पनीर से कई तरह की सब्जियां, टिक्का और स्नैक्स बनाए जाते हैं। ऐसे में बाजार से पनीर खरीदते समय उसकी ताजगी और गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी है।
- रंग और बनावट देखें: ताजा पनीर आमतौर पर सफेद या हल्का क्रीम रंग का होता है। उसमें असामान्य रंग, चिपचिपापन या खराब होने के संकेत दिखें तो उसे न खरीदें।
- गंध पर ध्यान दें: पनीर से खट्टी या असामान्य गंध आना उसकी खराब गुणवत्ता का संकेत हो सकता है।
- स्टार्च की जांच: पनीर में स्टार्च की मौजूदगी जांचने के लिए खाद्य परीक्षण में आयोडीन घोल का इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए पनीर को पानी में गर्म करके ठंडा किया जाता है और फिर आयोडीन घोल डाला जाता है। नीला-काला रंग स्टार्च की मौजूदगी का संकेत हो सकता है। यह जांच घर पर करते समय सावधानी बरतें और जांचे गए नमूने को न खाएं।
ध्यान रखें कि पनीर का रंग या बनावट देखकर ही उसकी शुद्धता की पुष्टि नहीं की जा सकती। खरीदारी के लिए भरोसेमंद विक्रेता चुनें और पैक्ड पनीर लेते समय उसकी एक्सपायरी डेट जरूर देखें।
2. दूध में मिलावट का शक हो तो क्या करें?
दूध का इस्तेमाल चाय, मिठाई, खीर और कई दूसरे पकवान बनाने में होता है। इसमें पानी या दूसरे पदार्थों की मिलावट की आशंका हो सकती है। इसलिए दूध खरीदते समय उसकी गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी है।
- पैकिंग और लेबल जांचें: पैक्ड दूध खरीदते समय पैकेट की सील, निर्माण तिथि और उपयोग की अंतिम तारीख देखें।
- गंध और रंग पर ध्यान दें: दूध का रंग असामान्य हो या उसमें खट्टी गंध आए, तो उसका इस्तेमाल न करें।
- झाग को देखकर फैसला न करें: दूध में ज्यादा झाग बनने से यह साबित नहीं होता कि उसमें डिटर्जेंट मिला है। झाग बनने के दूसरे कारण भी हो सकते हैं।
- पानी की मिलावट का अंदाजा: दूध का पतला दिखना अपने आप में मिलावट का प्रमाण नहीं है। दूध की वास्तविक गुणवत्ता की पुष्टि के लिए उचित जांच जरूरी होती है।
अगर दूध में डिटर्जेंट या किसी अन्य रसायन की मिलावट का संदेह है, तो उसे चखकर जांचने की कोशिश न करें। खाद्य सुरक्षा विभाग या संबंधित प्रयोगशाला से जांच कराने का विकल्प अपनाएं।
3. मिठाई खरीदते समय इन बातों को नजरअंदाज न करें
त्योहारों में बाजार में रंग-बिरंगी मिठाइयां आकर्षित करती हैं। लेकिन मिठाई की सुंदर दिखावट ही उसकी गुणवत्ता की गारंटी नहीं होती। खासकर दूध, मावा और छेने से बनी मिठाइयां खरीदते समय सावधानी जरूरी है।
मिठाई खरीदते समय इन बातों का ध्यान रखें:
- मिठाई की गंध असामान्य हो या उसमें खट्टापन महसूस हो, तो उसे न खरीदें।
- बहुत तेज या अस्वाभाविक रंग वाली मिठाइयों से बचें।
- खुले में रखी मिठाई खरीदने के बजाय साफ-सुथरी दुकान और सुरक्षित रखरखाव को प्राथमिकता दें।
- पैक्ड मिठाई पर सामग्री, पैकिंग की तारीख और उपयोग की अंतिम तारीख देखें।
- दूध से बनी मिठाइयों को उचित तापमान पर रखा गया है या नहीं, इस पर ध्यान दें।
मिठाई में स्टार्च की मौजूदगी की जांच के लिए भी आयोडीन आधारित परीक्षण इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन यह हर तरह की मिलावट की पहचान नहीं करता। घर पर किया गया ऐसा परीक्षण मिठाई की पूरी गुणवत्ता प्रमाणित नहीं कर सकता।
4. मावा या खोया असली है या नहीं, कैसे समझें?
गुलाब जामुन, पेड़ा, बर्फी और कई दूसरी मिठाइयों में मावा या खोया इस्तेमाल किया जाता है। त्योहारों में इसकी मांग बढ़ने के कारण खरीदते समय अतिरिक्त सावधानी रखनी चाहिए। मावा खरीदते समय उसकी गंध, रंग और बनावट पर ध्यान दें। उसमें असामान्य खट्टी गंध, फफूंद या खराब होने के संकेत दिखें, तो उसे इस्तेमाल न करें। सिर्फ हाथ पर रगड़ने या मावा को दबाकर देखने से उसकी शुद्धता तय नहीं की जा सकती। इसी तरह रबड़ जैसी बनावट मिलावट का पक्का प्रमाण नहीं है। अलग-अलग तरह के मावे की बनावट में स्वाभाविक अंतर हो सकता है। सबसे अच्छा तरीका है कि मावा किसी भरोसेमंद विक्रेता से खरीदें। यदि बड़ी मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं या गुणवत्ता पर संदेह है, तो खाद्य पदार्थ की जांच अधिकृत प्रयोगशाला से कराई जा सकती है।
5. घी खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान?
घी का इस्तेमाल त्योहारों के पकवान, मिठाई और पूजा-पाठ में भी होता है। इसलिए इसकी गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी है।
- सीलबंद पैक चुनें: पैक्ड घी खरीदते समय सील, लेबल और उपयोग की अंतिम तारीख जांचें।
- गंध पर ध्यान दें: घी से असामान्य या बासी गंध आ रही हो, तो उसे इस्तेमाल न करें।
- बनावट देखें: रंग और जमने की स्थिति तापमान तथा घी के प्रकार के अनुसार बदल सकती है। केवल इन्हें देखकर शुद्धता तय नहीं की जा सकती।
- पानी वाला टेस्ट निर्णायक नहीं: एक गिलास पानी में घी डालकर उसकी शुद्धता का भरोसेमंद फैसला नहीं किया जा सकता। कई तरह की मिलावट घरेलू परीक्षण से पकड़ में नहीं आती।
अगर घी की शुद्धता को लेकर संदेह है, तो केवल घरेलू नुस्खों पर भरोसा करने के बजाय अधिकृत जांच का सहारा लें।
मिलावटी खाद्य पदार्थों से बचने के लिए अपनाएं ये 5 आदतें
त्योहारों की खरीदारी करते समय कुछ सामान्य सावधानियां अपनाकर खराब या संदिग्ध खाद्य पदार्थ खरीदने का जोखिम कम किया जा सकता है।
- दूध, पनीर, घी और मिठाई हमेशा साफ-सुथरी और भरोसेमंद दुकान से खरीदें।
- पैक्ड खाद्य पदार्थों पर सील, लेबल, बैच नंबर और एक्सपायरी डेट जरूर देखें।
- खुले में रखे, असामान्य रंग वाले या खराब गंध वाले खाद्य पदार्थों से बचें।
- दूध और मावे से बनी मिठाइयों को सुरक्षित तापमान पर रखें और लंबे समय तक खुले में न छोड़ें।
- किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट का संदेह हो तो उसे खाने के बजाय खाद्य सुरक्षा विभाग से संपर्क करें।
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मिलावट की शिकायत कहां करें?
अगर आपको किसी दुकान पर दूध, पनीर, घी, मावा या मिठाई में मिलावट का संदेह है, तो संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारी या भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के शिकायत माध्यमों से जानकारी दे सकते हैं। शिकायत के साथ दुकान का विवरण, खरीद का बिल और उपलब्ध पैकिंग की जानकारी रखना उपयोगी हो सकता है। त्योहारों में स्वाद के साथ सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है। पनीर, दूध, मिठाई, मावा और घी खरीदते समय उनकी गुणवत्ता, पैकिंग और रखरखाव पर ध्यान दें। घरेलू जांच के तरीके केवल शुरुआती संकेत दे सकते हैं, इसलिए किसी खाद्य पदार्थ की शुद्धता को लेकर गंभीर संदेह हो तो प्रयोगशाला जांच को प्राथमिकता दें।









