फाइनेंस कंपनी से 11.30 लाख की ठगी का आरोपी विदिशा से गिरफ्तार

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। मणप्पुरम गोल्ड फाइनेंस कंपनी के साथ फर्जी रसीदों के आधार पर 11.30 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी को माधवनगर पुलिस ने विदिशा से गिरफ्तार किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर पुलिस ने चार दिन के रिमांड पर लिया है। उसका राजगढ़ निवासी साथी अब भी फरार है।

माधवनगर थाना पुलिस के अनुसार, 16 दिसंबर को मणप्पुरम गोल्ड फाइनेंस की मैनेजर संध्या ने शिकायत दर्ज कराई थी कि रामगोपाल (निवासी राजगढ़) और अंशुल डांगी (निवासी विदिशा) कंपनी पहुंचे थे। उन्होंने झांसा दिया कि उनका आईआईएफएल बैंक में गोल्ड लोन चल रहा है, जिसे वे मणप्पुरम में ट्रांसफर करना चाहते हैं। आरोपियों ने बैंक की कुछ फर्जी रसीदें दिखाईं, जिन पर भरोसा कर कंपनी ने रामगोपाल के खाते में 11.30 लाख रुपये का आरटीजीएस कर दिया।
हस्ताक्षर का बहाना बनाकर आधे रास्ते से भागे
आरोपियों ने पैसे ट्रांसफर होने के बाद कंपनी के अधिकारियों से कहा कि वे आईआईएफएल बैंक चलकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर देते हैं ताकि सोना ट्रांसफर हो जाए। वे कंपनी के कर्मचारियों को साथ लेकर निकले, लेकिन रास्ते में चकमा देकर भाग निकले। जब रसीदों की गहराई से जांच हुई, तो वे फर्जी पाई गईं।
मामले में माधवनगर पुलिस ने आरोपी अंशुल डांगी को विदिशा से हिरासत में ले लिया गया है। जिस खाते में राशि ट्रांसफर की गई थी, उसे पुलिस ने तत्काल प्रभाव से होल्ड करा दिया है। मुख्य आरोपी रामगोपाल अभी फरार है।
ईरानी गैंग से ठगे गए सोने के टॉप्स बरामद, 2 दिन का रिमांड और बढ़ा
उज्जैन। सामान खरीदने के बहाने महिलाओं को अपनी बातों में उलझाकर उनके कीमती आभूषण ठगने वाली शातिर ईरानी गैंग की निशानदेही पर महिला से ठगे गए कान के सोने के टॉप्स पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। सोमवार शाम को नीलगंगा पुलिस ने आरोपियों को पुन: कोर्ट में पेश किया, जहां से उनका रिमांड 2 दिन और बढ़ा दिया गया है।
घटना 24 फरवरी 2025 की है, जब नीलगंगा थाना क्षेत्र में जनरल स्टोर संचालित करने वाली सावित्री नागर से दो बदमाशों ने 100 रुपए का नोट देकर चुन्नी खरीदी और बातों में उलझाकर उनके आधे तोले के सोने के टॉप्स ठग लिए थे। करीब 10 महीने बाद ग्वालियर की डबरा पुलिस द्वारा पकड़े जाने पर आरोपियों ने उज्जैन की इस वारदात को स्वीकार किया।









