प्रयागराज की तर्ज पर तैयार होगा सिंहस्थ में फायर सुरक्षा चक्र

यूपी की एक्सपर्ट टीम ने दिया प्रेजेंटेशन, 2 से 3 मिनट का रहेगा रिस्पांस टाइम, बनेंगे फायर स्टेशन और अंडरग्राउंड वाटर टैंक

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सिंहस्थ को पूरी तरह सुरक्षित और फायर प्रूफ बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अभी से कमर कस ली है। अग्नि हादसों को रोकने और आपदा प्रबंधन को अचूक बनाने के लिए उत्तर प्रदेश की विशेषज्ञ फायर सेफ्टी टीम की मदद ली जा रही है। जिसने प्रयागराज के कुंभ मेले में फायर सेफ्टी के इंतजाम किए थे।
शुक्रवार को कलेक्टर सभागृह में संभाग आयुक्त आशीष सिंह की अध्यक्षता में प्रयागराज कुंभ के सफल फायर सेफ्टी प्रबंधन का लाइव प्रेजेंटेशन देखा गया। संभाग आयुक्त ने बताया कि सिंहस्थ को सुरक्षित बनाने के लिए यूपी की टीम के साथ मंथन किया गया है। हमारा मुख्य उद्देश्य आपदा के समय रिस्पांस टाइम (घटनास्थल पर पहुंचने का समय) को न्यूनतम करना और बेहतर तालमेल स्थापित करना है।
प्रयागराज का सक्सेस मॉडल बनेगा सिंहस्थ का आधार
बैठक में उत्तर प्रदेश के फायर सेफ्टी अधिकारी प्रमोद शर्मा (बुलंदशहर) और अंशुल मित्तल (लखनऊ) ने बताया कि प्रयागराज कुंभ का क्षेत्रफल 4 हजार हेक्टेयर था, जहां 20 लाख लोगों ने कल्पवास किया। बावजूद वहां जीरो कैजुअल्टी (आग से कोई जनहानि नहीं) रही, जो एक बड़ी उपलब्धि थी। यूपी टीम ने प्रेजेंटेशन में प्रयागराज मॉडल की खास बातें साझा कीं।
इंजीनियरिंग छात्रों ने रखा रिकॉर्ड
यूपी टीम ने बताया कि मेले में आग की घटनाओं का डेटा और रिकॉर्ड रखने के लिए बीई (इलेक्ट्रिकल) के विद्यार्थियों की सेवा ली गई थी। उन्हें विशेष ट्रेनिंग दी गई थी। जल निगम, स्वास्थ्य, विद्युत, प्रशासन और पुलिस के अधिकारी कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में 24 घंटे तैनात रहते थे। कर्मचारियों को मुस्तैद रखने के लिए लगातार मॉक ड्रिल की गई।
प्राइमरी एक्शन प्लान बनाने के निर्देश
उत्तर प्रदेश की टीम ने भरोसा दिलाया कि उज्जैन सिंहस्थ को फायर प्रूफ बनाने के लिए वे लगातार सहयोग करेंगे और अपने अनुभवों का लाभ देते रहेंगे। बैठक के अंत में यूपी के अधिकारियों ने सिंहस्थ मेला अधिकारी व संभाग आयुक्त को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया। संभाग आयुक्त ने निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा को उत्तर प्रदेश की टीम के साथ बैठकर उज्जैन का स्थानीय प्लान साझा करने और दोनों के समन्वय से सिंहस्थ के लिए एक प्राथमिक कार्य योजना तैयार करने का कहा है।
यह है प्रयागराज का फायर सेफ्टी मॉडल
2 से 3 मिनट का रिस्पांस टाइम- किसी भी जगह आग लगने पर फायर ब्रिगेड मात्र 2 से 3 मिनट में मौके पर पहुंची।
अखाड़ों में विशेष तैनाती-महाकुंभ के दौरान सभी अखाड़ों में एक-एक फायर सेफ्टी टीम तैनात की गई थी।
फायर स्टेशनों का जाल- पूरे मेला क्षेत्र में हर 1 किलोमीटर के दायरे में एक, यानी 54 फायर स्टेशन और 27 फायर पोस्ट बनाए गए थे।
ट्रिपल स्टेज सुरक्षा व टावर- सुरक्षा के लिए ट्रिपल स्टेज रिस्पांस सिक्योरिटी सिस्टम लागू किया गया था और निगरानी के लिए 44 फायर टावर व 4,870 फायर हाइड्रेंट स्थापित किए गए थे।
अंडरग्राउंड वाटर टैंक- हर फायर स्टेशन पर 20,000 लीटर क्षमता के अंडरग्राउंड वाटर टैंक बनाए गए थे ताकि पानी की कमी न हो।









