दीपावली की रात युवक की हत्या करने वाले नाबालिग सहित सभी आरोपी पकड़ाए

पुलिस की 4 टीम, 100 सीसीटीवी कैमरे तब जाकर सामने आई चाकूबाज गैंग

अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। दीपावली की रात अब्दालपुरा के युवक को मौत के घाट उतारने वाले सभी बदमाश चाकूबाज गैंग के सदस्य हैं और आए दिन लोगों को धमकाने के इरादों से चाकूबाजी की घटनाएं करते आए हैं। पुलिस ने नाबालिग सहित ७ बदमाशों को पकड़ा है। दीपावली की रात इन्होंने तेलीवाड़ा में अब्दालपुरा निवासी संदीप राठौर (३४) पिता ओमप्रकाश की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। संदीप अपने दोस्त अंशुल व भरत के साथ एक्टिवा पर पीछे बैठकर देवासगेट पर पोहे खाने के लिए घर से निकला था।
एक्टिवा संदीप का दोस्त अंशुल चला रहा था। भरत के हाथ में उसकी छोटी बच्ची थी। तीनों तेलीवाड़ा पर पीछे से आ रही एक बाइक की कट लगने से गिरते-गिरते बचे। मामूली कहासुनी के बाद बाइक सवार हमलावरों में से कुछ लोग वहां से चले गए। कुछ देर बाद आरोपी वापस लौटे और संदीप और विकास पर हमला कर दिया।
लौटकर आए आरोपियों में से सफेद शर्ट पहने एक युवक ने संदीप पर चाकू से वार किए। पीठ, पेट और गले पर लगे गहरे घाव के कारण संदीप वहीं गिर गया। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। संदीप का दोस्त हमले और विवाद से बचने के लिए पास ही खड़ा हो गया था और जो एक अन्य इनका साथी था वह कम उम्र का होने के कारण बीच-बचाव नहीं कर पाया। गंभीर रूप से घायल संदीप राठौर को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
हत्या बनी चुनौती
दीपावली की रात पुलिस सुरक्षा में मुस्तैद थी लेकिन इस हत्या ने पुलिस को ही चुनौती दे दी। मंगलवार को एसपी प्रदीप शर्मा ने चार टीम बनाई। साइबर, क्राइम ब्रांच, इंटेलिजेंस और पुलिस थानों की चार अलग-अलग टीम में शामिल करीब २० पुलिसकर्मियों ने जांच शुरू की।
आरोपियों को धरदबोचा
घटना का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया था। जिसके बाद क्षेत्र के करीब १०० से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। मुखबिर और फुटेज के आधार पर घटना के 10 घंटे के भीतर ही हत्याकांड सुलझा लिया ओर सभी 7 आरोपियों को धरदबोचा गया।
आरोपी जो गिरफ्त में आए
उमंग पिता राजकुमार घावरी निवासी हरिजन बस्ती, जीवाजीगंज, उदय उर्फ बाबू पिता जितेंद्र बनसोडे, निवासी हाटकेश्वर कॉलोनी, आकाश उर्फ अक्कू पिता सुनील मालवीय निवासी मुल्लापुरा, मोहित पिता प्रमोद भवर निवासी जीवाजीगंज स्कूल के पास, आर्यन उर्फ आरु पिता सोनू माली निवासी जयसिंहपुरा, आकाश पिता दिनेश प्रजापत निवासी तिलकेश्वर कॉलोनी और एक १७ वर्षीय नाबालिग।
पुलिस टीम की मेहनत सफल रही
थाना महाकाल के प्रधान आरक्षक शैलेश योगी, आरक्षक गोपाल सुरावत, थाना कोतवाली के प्रधान आरक्षक राहुल गुजराती, आरक्षक श्याम नागर, आरक्षक हेमराज, रवि कुमार, थाना खाराकुआं के आरक्षक वीरेंद्र सिंह और साइबर सेल से उप निरीक्षक प्रतीक यादव, प्रधान आरक्षक प्रेम समरवाल व राजपाल सिंह चंदेल सहित अन्य जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस के मुखबिरों ने भी अपना काम बखूबी किया। सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से मिले जब उन्हें दिखाए तो उन्होंने तिलकेश्वर के रहने वाले मुख्य आरोपी उमंग घावरी की पहचान की और उसके बाद कडिय़ां जुड़ती चली गईं।
चाकूबाजी कर लोगों में भय फैलाना गैंग का काम, पहले भी कर चुके हैं वारदात
आरोपियों में से अधिकतर के आपराधिक रिकॉर्ड हैं। लोगों में भय फैलाने के उद्देश्य से पहले भी ये चाकूबाजी की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। इनका पुराना रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। घटना के वक्त ये नशे में थे और दहशत फैलाने के उद्देश्य से ही इन्होंने इस वारदात को भी अंजाम दिया है। इस पूरे मामले का खुलासा करने में चार टीमें लगाई गई थीं। – राहुल देशमुख, सीएसपी









