मरीज के परिजनों से पूछा- फ्री दवाइयां मिलने में समस्या तो नहीं आ रही

मेडिसिटी, चरक और माधवनगर अस्पताल का जायजा लेने पहुंचे कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, कर्मचारियों से कहा, ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराएं

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। कलेक्टर गुरुवार को मेडिसिटी का दौरान करने पहुंचे। उन्होंने निर्माण कार्यों को देखा और जो काम बारिश में हो सकते हैं उन्हें तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद उनका काफिला चरक और माधवनगर अस्पताल भी पहुंचा जहां उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से बात कर समस्याओं की जानकारी ली।
दरअसल, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह सबसे पहले 592.30करोड़ रुपए की लागत से बन रही प्रदेश की पहली मेडिसिटी का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में चल रहे निर्माण कार्यों को देखा। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की रिटेनिंग वॉल बन चुकी है और बेसमेंट का काम चल रहा है। इसके अलावा मेडिकल हॉस्पिटल की रिटेनिंग वॉल का काम भी जारी है। कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी बीडीसी को 31 दिसंबर 2027 के पहले काम को गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।
डिस्चार्ज से पहले जन्म-प्रमाण पत्र बनाकर दें
मेडिसिटी के बाद कलेक्टर ने चरक अस्पताल का रुख किया। यहां उन्होंने दवाई वितरण केंद्र, पंजीयन केंद्र, शिशु वार्ड, ईसीजी, ओपीडी, आकस्मिक चिकित्सा वार्ड, नेत्र परीक्षण वार्ड, दंत चिकित्सा वार्ड, फिजियोथैरेपी वार्ड, सामान्य वार्ड और कंट्रोल सेंटर का दौरान कर व्यवस्थाएं देखीं। इस दौरान कलेक्टर ने वहां भर्ती मरीजों के परिजनों से भी बात की और पूछा की नि:शुल्क दवाइयां मिलने में समस्या तो नहीं। कंट्रोल सेंटर पहुंचकर कलेक्टर ने हॉस्पिटल में चल रही गतिविधियों की लगातार निगरानी की बात कहते हुए सुरक्षाकर्मियों को हर समय मौजूद रहने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने सिविल सर्जन डॉ. संगीता पलसानिया को निर्देशित किया कि जितने भी संस्थागत प्रसव हो रहे हैं उन सभी प्रकरणों में जन्म प्रमाण पत्र डिस्चार्ज से पहले बनाकर दिए जाएं। अगर पंजीयन केंद्र में कोई काउंटर खाली है तो वहां भी पर्चें बनाएं ताकि मरीज के परिजनों को असुविधा ना हो।
सफाई से नाखुश थे
कलेक्टर ने अस्पताल में सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने नेत्र परीक्षण वार्ड में उपलब्ध संसाधनों की जानकारी ली और यहां भी सफाई की बात कही। इसके अलावा ओपीडी में ड्यूटी डॉक्ट्र्स और पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता का चार्ट हर दिन बोर्ड पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए ताकि मरीजों को जानकारी मिलती रहे।
शिशु वार्ड में कलेक्टर ने शिशुओं को दिए जाने वाले भोजन की जानकारी ली और परिजनों से पूछा भोजन समय पर मिल रहा है या नहीं? वार्ड की बेडिंग नियमित रूप से बदलने और हर दिन के मुताबिक उसकी कल कोडिंग करने के निर्देश दिए। स्टाफ को भी निर्देश दिए कि वह उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज करें।
ओपीडी काउंट्र्स बढ़ाएं
चरक का दौरा करने के बाद कलेक्टर माधवनगर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने निर्माणाधीन 100 बेड के नए भवन की प्रगति देखी और इसे समय पर पूरा करने को कहा। उन्होंने ओपीडी काउंटर्स बढ़ाने के निर्देश भी दिए। इसके बाद अस्पताल परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम अभियान’ के अंतर्गत बरगद, पीपल और नीम के पौधे भी रोपे।









