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700 करोड़ रुपए के सीवरेज प्रोजेक्ट पर आपत्ति लेने वाले तिवारी एमआईसी से ड्रॉप

लोक निर्माण विभाग महापौर ने अपने पास रखा, उद्यान प्रजापत को दिया

 

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सिंहस्थ क्षेत्र में 700 करोड़ रुपए से होने वाले सीवरेज एवं पाइप लाइन प्रोजेक्ट पर आपत्ति दर्ज कराना एमआईसी सदस्य शिवेंद्र तिवारी को भारी पड़ गया। महापौर मुकेश टटवाल ने एमआईसी फेरबदल मेंं तिवारी को ड्रॉप कर दिया है। उनकी जगह किसी को नहीं दी गई है। हालांकि तिवारी के प्रभार वाले लोक निर्माण विभाग को महापौर ने अपने पास रख लिया है।

महापौर मुकेश टटवाल ने सोमवार रात अचानक एमआईसी में फेरबदल किया। उन्होंने लोक निर्माण एवं उद्यान प्रभारी शिवेंद्र तिवारी को ड्रॉप कर दिया। शेष सदस्य यथावत रखे हैं। टटवाल ने तिवारी के प्रभार वाले उद्यान विभाग का जिम्मा कैलाश प्रजापत को सौंप दिया लेकिन लोक निर्माण विभाग अपने पास ही रखा है। उन्होंने कुछ सदस्यों के विभागों में भी मामूली बदलाव किया। इसके मुताबिक दुर्गाशक्ति चौधरी से यांत्रिकी विभाग लेकर उसे जितेंद्र कुवाल को सौंपा गया है।

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आखिर क्या वजह रही हटाने की
द रअसल सिंहस्थ क्षेत्र में स्थायी सीवरेज एवं पाइप लाइन डालने का प्रस्ताव पिछली एमआईसी में आया था। 700 करोड़ रुपए का सीवरेज प्रोजेक्ट के तहत सिंहस्थ क्षेत्र में स्थायी सीवरेज लाइन डाली जाएगी। तिवारी और कुछ एमआईसी सदस्यों की आपत्ति थी कि सिंहस्थ क्षेत्र में रोड सहित दीगर काम उज्जैन विकास प्राधिकरण कर रहा है तो सीवरेज प्रोजेक्ट भी उसे ही करना चाहिए। इस प्रोजेक्ट में सबसे बड़ी दिक्कत किसानों का विरोध है। वे अपनी जमीन पर स्थायी सीवरेज लाइन डालने के पक्ष में नहंी हैं। प्रोजेक्ट करने पर किसान विरोध करेंगे और बदनामी का ठीकरा नगर निगम परिषद पर फूटेगा। तब प्रोजेक्ट के प्रस्ताव को रोक लिया गया था। हाल ही में महापौर ने इसे हरी झंडी दिखाई है। इस पर एमआईसी के दो अन्य सदस्यों ने भी सवाल उठाए हैं। हालांकि वे अभी भी एमआईसी में बने हुए हैं। तिवारी को बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

अब इस तरह है एमआईसी

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1. प्रकाश शर्मा
जल कार्य विभाग

2. रजत मेहता
राजस्व विभाग

3. सत्यनारायण चौहान
स्वच्छता एवं
ठोस अपशिष्ट

4. योगेश्वरी राठौर
योजना एवं
सूचना प्रौद्योगिकी

5. दुर्गा शक्ति चौधरी
विद्युत

6. सुगनबाई वाघेला
वित्त एवं लेखा

7. कैलाश प्रजापति
यातायात, परिवहन
एवं उद्यान

8. जितेंद्र कुवाल
शहरी गरीबी
उपशमन एवं
यांत्रिकी

9. अनिल गुप्ता
सामान्य प्रशासन विभाग

नेता प्रतिपक्ष ने खोला मोर्चा

सीवरेज प्रोजेक्ट पर एमआईसी को अंधेरे में रखने का आरोप

उज्जैन। सीवरेज प्रोजेक्ट को हरी झंडी देने पर नेता प्रतिपक्ष रवि राय ने मोर्चा खोल दिया है। राय ने महापौर मुकेश टटवाल पर तानाशाही का आरोप लगाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एमआईसी सदस्यों को ही प्रोजेक्ट की जानकारी नहीं है, तो महापौर ने अकेले प्रेजेंटेशन कैसे पास कर दिया? जल कार्य समिति प्रभारी प्रकाश शर्मा और एमआईसी सदस्य रजत मेहता खुद समाचार पत्रों में यह स्वीकार कर रहे हैं कि उन्हें योजना की जानकारी नहीं है। उन्होंने मांग की कि महापौर को शहर के नागरिकों, पार्षदों और निगम परिषद के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

दो एजेंसियों को काम बांटने पर आपत्ति
271 किमी लंबी सीवरेज और पेयजल लाइन बिछाने का काम नगर निगम और सड़क निर्माण उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा करने पर भी रवि राय ने आपत्ति ली। राय ने कहा कि सड़क बना रहे यूडीए से सीवरेज का काम क्यों नहीं कराया जा रहा है? एक ही जमीन पर दो अलग-अलग एजेंसियों के काम करने से भविष्य में जवाबदेही कैसे तय होगी?

एमआईसी में बदलाव किया है: एमआईसी में बदलाव किया है। शिवेंद्र तिवारी को ड्रॉप किया है। कुछ को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी है।
मुकेश टटवाल महापौर

महापौरजी कहते तो इस्तीफा ही दे देता: एमआईसी महापौर जी का अधिकार क्षेत्र है, मगर वह कह देते तो मैं इस्तीफा दे देता। हालांकि वह कुछ सदस्यों को हटाने के लिए दबाव की बात कहते थे। यह दबाव किसका था, वे ही जानते होंगे।
शिवेंद्र तिवारी, पूर्व
एमआईसी सदस्य

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