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नहीं रहे बमबम नाथ, प्रतिदिन की तरह भस्मार्ती के वक्त बाबा से ली विदाई…

भीलवाड़ा के भूतनाथ मंदिर प्रांगण में बनेगी समाधि

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उज्जैन। भूतभावन भगवान महाकाल को प्रतिदिन भस्मार्ती में भस्म अर्पित करने वाले श्मशानवासी और प्रसिद्ध तांत्रिक अघोरी बाबा श्री योगी बमबम नाथ महाराज को डोले में बैठाकर रविवार तडक़े २.३० बजे श्री महाकाल से अंतिम विदाई दी गई। शनिवार को ब्रह्मलीन होने के बाद नाथ संप्रदाय की परंपरानुसार उनका डोल चक्रतीर्थ श्मशान से रात १.३० बजे शुरू हुआ और रात २.३० बजे भगवान महाकाल के द्वार तक पहुंचा। बमबमनाथ रोज भस्मार्ती में शामिल होते थे। महाकाल से विदाई लेकर पार्थिव शरीर भीलवाड़ा स्थित मुख्य आश्रम (भूतनाथ महाकाल मंदिर) ले जाया गया। जहां समाधि दी गई।

बाबाजी के शिष्य योगी सोमवार नाथ व खड़ेश्वरी अघोरी बाबा योगी विष्णु नाथ जी ने बताया कि योगी बमबबम नाथ महाराज शनिवार दोपहर 3 बजे ब्रह्मलीन हो गए थे।

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श्मशानवासी थे बमबनाथ

खड़ेश्वरी अघोरी बाबा विष्णु नाथ ने बताया हमारे गुरु बमबम नाथ जी परम तपस्वी और श्मशानवासी थे। पिछले १५ सालों से रोज भगवान महाकाल की भस्मार्ती में शामिल होते थे। आधी रात को घनघोर तपस्या करते थे। उनके जैसा तपस्वी इस उज्जैन नगरी में ना कभी हुआ ना होगा। अघोरी बाबा हमेशा चक्रतीर्थ श्मशान उज्जैन में रहकर अघोर तपस्या करते थे।

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