भाजपा नेता की पत्नी और बच्चों को मायके वाले ले गए

मारपीट का आरोपी दीपक अब अकेला रहेगा घर में
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उज्जैन। भाजपा के पूर्व बूथ अध्यक्ष दीपक शर्मा ने अपनी पत्नी और बच्चों की गुमशुदगी को लेकर कोहराम मचा दिया था। पुलिस से लेकर भाजपा नेता पर आरोप लगाए। कैमरे के सामने वह खूब बोला। अब मामला पलट गया है। सात दिन पूर्व 30 जून को पत्नी और बेटा-बेटी के लापता होने की रिपोर्ट चिमनगंज थाने में दर्ज कराई थी। साथ ही यह आरोप लगाया था कि घर में रखे पौने चार लाख रुपए और गहने गायब हैं।
मामले में उस समय नया मोड़ आया जब पत्नी दोनों बच्चों को लेकर खुद थाने पहुंची और टीआई गजेंद्र पचौरिया के सामने बयान दर्ज कराए कि वह पति से अत्यधिक प्रताडि़त व परेशान है, इसलिए घर छोड़ा और अब साथ नहीं रहना चाहती। ढांचा भवन निवासी दीपक शर्मा ने चिमनगंज थाने में पत्नी सीमा 45 साल, पुत्री पलक 21 तथा पुत्र रुद्र शर्मा 14 साल की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस पर यह आरोप भी लगाया था कि वह उसके पत्नी और बच्चों का सुराग नहीं लगा पा रही है। इधर, चिमनगंज मंडी पुलिस ने रिपोर्ट के दूसरे दिन ही यह बताया था कि जैसी घटना प्रस्तुत की जा रही है, वैसा कुछ नहीं है। पत्नी व बच्चे सुरक्षित हैं तथा जल्द ही थाने आकर वे सच्चाई बताएंगे। शर्मा की पत्नी व बच्चे थाने आए, इसके बाद दीपक को भी थाने बुलाया व बयान दर्ज किए।
दीपक की पत्नी सीमा ने कहा: मैं सीमा शर्मा अपने पति से परेशान थी, वे मुझे रोज मारते थे और प्रताडि़त करते थे। शराब पीकर पीटते थे तथा चार लाख का जो आरोप लगाया था वह भी गलत है। मैं कोई पैसा नहीं लेकर गई हूं। मेरे माता-पिता को भी बहुत ज्यादा परेशान किया। मेरी अभी मनोस्थिति ठीक नहीं है।
दोनों बच्चों ने यह कहा: दोनों बच्चों ने कहा कि पिता, मम्मी को बहुत परेशान करते थे। अब हम उनके साथ नहीं रहना चाहते। घर में एक भाई की भी इलाज नहीं कराने से जान चली गई। हम मम्मी के साथ ही रहेंगे
टीआई पचौरिया ने बताया: चिमनगंज टीआई गजेंद्र पचौरिया ने बताया सात दिन पूर्व गुम रिपोर्ट पति की थी और रुपए का भी आरोप लगाया था। पत्नी व बच्चे सामने आए तो पति का आमना-सामना कराया लेकिन वह कुछ नहीं बोला। चुपचाप खड़ा रहा सभी की बातें सुनता रहा। हस्ताक्षर किए और चला गया। स्पष्ट हो गया कि पत्नी व बच्चे मारपीट से प्रताडि़त थे व अब साथ नहीं रहना चाहते। मायके वाले उन्हें बयान के बाद साथ ले गए।










