सीसीटीवी फुटेज, लोकेशन मिली, चोरों का सुराग नहीं

लखेरवाड़ी में 150 ग्राम सोने के दाने की चोरी के आरोपी गिरफ्त से दूर

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। पुलिस का मुखबिर तंत्र ठीक से काम नहीं कर रहा। अधिकांश अफसर सीसीटीवी फुटेज और सायबर की मदद से अपराधियों की धरपकड़ कर रहे हैं, लेकिन एक मामला ऐसा सामने आया है जिसमें फरियादी द्वारा सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने के बावजूद एक माह में पुलिस चोरों को तलाश नहीं कर पाई है। उधर चोरी में जिंदगीभर की कमाई गंवा चुका व्यापारी अब बेगार काट रहा है।
यह था मामला- 19 दिसंबर की अल सुबह दो नकाबपोश बदमाश लखेरवाड़ी स्थित शेख हसन अली दानावाला की दुकान पर पहुंचे। उन्होंने शटर के ताले तोड़े और यहां रखे 150 ग्राम वजनी 12 लाख रुपए कीमत के सोने के दाने चोरी किए। बेखौफ चोर वारदात को अंजाम देने के बाद मोबाइल पर बात करते हुए चले गए। हसन अली रोजाना की तरह सुबह दुकान खोलने पहुंचे तो उन्हें शटर के ताले टूटे दिखे। उन्होंने तत्काल खाराकुआं थाने पर शिकायत की। पुलिस यहां पहुंची। जांच कर सीसीटीवी फुटेज जब्त किए और चोरी की एफआईआर दर्ज कर ली।
सायबर की मदद ले रहे
खाराकुआं थाना प्रभारी राजकुमार मालवीय ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज चैक करने पर कुछ खास सफलता नहीं मिल पाई थी। चोर मोबाइल पर बात करते नजर आए थे। इस कारण सायबर सेल की मदद ले रहे हैं। चोरों का मोबाइल एक्टिव होते ही उन्हें पकड़ लेंगे।
दूसरी बार दिया आवेदन
लाल इमली जूना मस्जिद के पीछे रहने वाले शेख हसन अली ने बताया कि एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस ने बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चैक किए थे। चोरों की लोकेशन छत्रीचौक तक मिली। उसके बाद वह किधर गए पता नहीं चल पाया। 25 दिन से अधिक समय गुजरने के बाद थाने पर जांच अधिकारी से पूछताछ की तो उन्होंने सिर्फ आश्वासन दिया तो चोरों को पकडऩे के लिए थाने में दूसरी बार आवेदन देना पड़ा।
जिंदगीभर की कमाई गई
हसन अली बताते हैं कि पत्नी के गहनों को गलाकर सोने के दाने बनाने का कारोबार शुरू किया था। धीरे-धीरे व्यापार आगे बढ़ाया, लेकिन चोरों ने एक ही वारदात में सबकुछ बर्बाद कर दिया। अब उनके पास अपना व्यापार चलाने के लिए न तो सोने के दाने हैं और न ही पूंजी है। वारदात के बाद से ही बेगार काट रहे हैं। खास बात यह कि हसन अली की मदद के लिए लखेरवाड़ी व्यापारी एसोसिएशन भी आगे आया। अध्यक्ष के लेटरपेड पर पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर चोरों को पकडऩे की मांग की गई लेकिन आज तक चोरों का कोई सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा।








