रामघाट पर चैंबर उफना, पंडित-पुरोहितों ने कलेक्टर को दिखाया शिप्रा का हाल

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन, सप्त पुरियों में से एक जहां 52 शक्तिपीठों में से एक मां हरसिद्धि विराजमान हैं। यहीं पर मां शिप्रा भी हैं जिसके तट पर हर 12 साल में सिंहस्थ पर्व लगता है। माघ माह में इन दिनों बड़ी संख्या में देशभर से भगवान महाकाल के दर्शन और शिप्रा में स्नान कर पुण्य अर्जित करने के लिए श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। सोमवार को रामघाट पहुंचे श्रद्धालुओं की आस्था उस समय आहत हो गई जब आरती द्वार के समीप घाट पर बना चैंबर उफन गया और उससे निकली गंदगी शिप्रा में मिलती रही।
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यह नजारा देख वहां स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालु भी अचंभित रह गए। इसी दौरान राणोजी की छत्री के सामने एक मीडिया चैनल के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कलेक्टर नीरज कुमार सिंह पहुंचे तो घाट पर मौजूद पंडे-पुजारी एवं पुरोहितों ने उनसे शिकायत की। उन्हें दिखाया कि किस तरह मां शिप्रा मैली हो रही है। इसी दौरान वहां भीड़ जुट गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को मौके से ही फोन लगाया और तुरंत चैंबर का गंदा पानी रोकने के निर्देश दिए। इसके बाद कुछ ही देर में चैंबर से पानी निकला बंद हो गया।
नाक पर हाथ रख निकले श्रद्धालु
चैंबर जब ओवरफ्लो हुआ तो उसने गंदा पानी के साथ कचरा भी शिप्रा में मिलता रहा। इस दौरान वहां स्नान कर रहे श्रद्धालु नदी से बाहर निकल आए। जो श्रद्धालु वहां से गुजरे गंदगी और बदबू के कारण नाक पर हाथ और रूमाल रखकर निकले।
नई बात नहीं गंदा पानी मिलना
शिप्रा में नाले और चैंबर का ओवरफ्लो होना और उसका गंदा पानी नदी में मिलना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी कई बार इस तरह की स्थिति बन चुकी है। जिसने शिप्रा को स्वच्छ रखने के दावे को खोखला साबित किया है। अब तक इसमें सुधार नहीं हुआ।









