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सीएम बोले- उज्जैन को बनाएंगे शिल्प राजधानी

राष्ट्रपति के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वागत भाषण में दी जानकारी

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। उज्जैन को हम शिल्प राजधानी बनाएंगे, इसकी शुरुआत महाकाल लोक से हो रही है। यहां की फाइबर की मूर्तियों को पत्थर शिल्प में बदला जा रहा है, इसके लिए कलाकारों ने काम शुरू कर दिया है। अब तक इस काम में राजस्थान को महारथ थी लेकिन अब उज्जैन को आगे ले जाएंगे। यह बात सीएम डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार सुबह इंदौर रोड स्थित एक होटल में आयोजित सिक्स लेन भूमिपूजन एवं सफाई मित्रों के सम्मान समारोह में कही।

निर्माल्य से बन रही चीजें

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सीएम डॉ. यादव ने मंदिरों से निकलने वाली पूजन सामग्री (निर्माल्य) से बनने वाली वस्तुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निर्माल्य से हम अगरबत्ती बना रहे हैं। इस तरह मंदिर से निकली पूजन सामग्री का उपयोग हो रहा है। उज्जैन-इंदौर सिक्स लेन योजना की जानकारी देते हुए सीएम ने कहा कि 1692 करोड़ रुपए की यह योजना विकास की नई गाथा लिखेगी। इससे धार्मिक नगरी में पर्यटन बढ़ेगा।

सफाई मित्रों का सम्मान वंदनीय

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प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने कहा कि सफाई मित्रों का सम्मान वंदनीय है। हम राष्ट्रपति के आभारी हैं जिन्होंने हमारे आग्रह को स्वीकार कर सफाई मित्रों का सम्मान किया। इंदौर-उज्जैन के बीच बनने जा रहा सिक्स लेन विकास की गति को तेज करेगा।

वायुसेना के चॉपर से पहुंचीं उज्जैन

इससे पहले डीआरपी लाइन हेलीपेड पर सुबह 9:50  बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भारतीय वायुसेना के चॉपर से पहुंची। चार चॉपर उन्हें लेकर आए थे। हेलीपेड पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री प्रतिभा बागरी, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, सतीश मालवीय, प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश राजौरा, संभागायुक्त, आईजी, कलेक्टर और एसपी ने राष्ट्रपति की अगवानी की।

इन सफाईमित्रों का सम्मान

राष्ट्रपति ने सफाई मित्र रश्मि टांकले, किरण खोड़े, शोभा घावरी, अनिल चावरे और गोपाल खरे को सम्मानित किया। सम्मान हासिल करने के लिए सफाई मित्रों को काफी मशक्कत करना पड़ी। उन्हें पांच दिन तक प्रैक्टिस भी करवाई गई।

अलग नजर से

राज्य के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह व्हील चेयर से मंच तक पहुंचे। मंच पर रखी उनकी व्हील चेयर को राष्ट्रपति के सुरक्षाकर्मियों ने हटवा दिया।

राज्यपाल मंगूभाई पटेल की कुर्सी राष्ट्रपति की कुर्सी से सटाकर लगा दी गई थी, इसे भी सुरक्षाकर्मियों ने दूर करवाया।

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन का समापन जय भारत-जय महाकाल के उद्घोष से किया।

मंच पर सबसे पहले जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट पहुंचे थे।

राष्ट्रपति के आने पर और जाने से पहले राष्ट्रगान गाया गया।

कार्यक्रम के दौरान गर्मी हो रही थी, ऐसे में जैसे ही पानी की बोतलें आईं सफाईकर्मी खड़े हो गए जिससे हुल्लड़ की स्थिति बन गई।

सफाईकर्मियों का सम्मान किया गया लेकिन उनके परिजनों को आमंत्रित नहीं किया गया, इससे कुछ परिजन नाराजगी जताते रहे।

राष्ट्रपति को महाकाल लोक में प्रवेश के दौरान महामृत्युंजय द्वार की प्रतिकृति भेंट की गई। इंदौर-उज्जैन मार्ग स्थित इस द्वार का निर्माण सीएम डॉ. मोहन यादव ने करवाया था।

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