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17 करोड़ से आकार ले रही कृषि अध्ययनशाला की बिल्डिंग

24 क्लास रूम और 8 लैब होगी, 2025 से लगना शुरू हो सकती हैं क्लासेस

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भविष्य में किसानों को भी दी जाएगी ट्रेनिंग

अक्षरविश्व न्यूज  उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय में अध्ययनरत कृषि के विद्यार्थियों को जल्द अपना भवन मिल जाएगा। १७ करोड़ रुपए की लागत से सांख्यिकी अध्ययनशाला के समीप नई बिल्डिंग आकार ले रही है। इसमें 24 क्लास रूम के साथ 8 लैब होंगी। भविष्य में यहां किसानों को ट्रेनिंग भी दी जाएगी। शैक्षणिक सत्र 2020-21 से एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट की शुरुआत हुई। वर्तमान में कृषि अध्ययनशाला में करीब 1100 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।

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मध्यप्रदेश के किसी भी विश्वविद्यालय के कृषि डिपार्टमेंट में इतने विद्यार्थी नहीं हैं। यहां बीएससी कृषि के साथ 6 अन्य विषयों में एमएससी की कक्षाएं चल रही हैं। एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट की स्वयं की बिल्डिंग नहीं होने से इसका ऑफिस सांख्यिकी अध्ययनशाला में संचालित हो रहा, जबकि कक्षाएं फिजिक्स डिपार्टमेंट में लग रही हैं।

सात माह से चल रहा काम
17 करोड़ रुपए से बन रही कृषि अध्ययनशाला की बिल्डिंग का काम पिछले 7 माह से चल रहा है। फिलहाल बेसिक काम पूरा हो चुका लेकिन काफी कुछ काम बाकी है जिसमें करीब तीन माह का समय और लग सकता है। उम्मीद की जा रही है कि वर्ष 2025 की शुरुआत से नई बिल्डिंग में क्लासेस लगना शुरू हो जाएंगी।

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17 बीघा की प्रायोगिक फील्ड
पीएम उषा योजना के तहत विक्रम विश्वविद्यालय को 100 करोड़ रुपए प्राप्त हुए हैं। इस राशि का एक बड़ा हिस्सा कृषि लैब और इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार करने में खर्च किया जा रहा है। इसी के तहत 17 बीघा की प्रायोगिक फील्ड तैयार की जा रही है जिस पर विद्यार्थी प्रैक्टिकल करेंगे। इसके अलावा 12 बीघा पर सोयाबीन की बोवनी की गई है।

इनका कहना
बिल्डिंग का काम तेजी से चल रहा है। बेसिक काम लगभग पूर्ण हो चुका है। अन्य कामों को पूरा होने में अभी समय लगेगा।
राजेश टेलर, एचओडी
कृषि अध्ययनशाला

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