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भू-विज्ञान अध्ययनशाला में लगा नया वेदर सिस्टम

10 किलोमीटर एरिया को कवर कर हवा की गति, बारिश और तापमान की दे रहा जानकारी

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय की भू-विज्ञान अध्ययनशाला में नया वेदर सिस्टम लगाया गया है। यह सिस्टम 10 किलोमीटर के क्षेत्र को कवर करते हुए हवा की गति, बारिश और तापमान कलेक्ट करता है। अध्ययनशाला में गेस्ट फैकल्टी के रूप में पदस्थ डॉ. एम. रिजवान ने बताया कि यह वेदर सिस्टम जून में दिल्ली की कंपनी ने लगाया है। कंपनी देशभर में ऐसे 550 सिस्टम लगा रही है। जल्द ही इसका एप भी आ जाएगा। यह सिस्टम सोलर पर डिपेंड है। इससे पहले भी यहां इसी तरह का छोटा वेदर सिस्टम लगा था जो अब खराब हो चुका है।

बॉक्स में लगी है यूनिट और बैटरी

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वेदर सिस्टम में नीचे की ओर बॉक्स लगा है जिसमें यूनिट और बैटरी लगी है जिसमें सारा डाटा एकत्रित होता है। इस पर पासवर्ड लगा है जो अध्ययनशाला के एचओडी डॉ. पीएन तिवारी के पास है।

सिस्टम के आसपास खुला एरिया होना जरूरी
वेदर सिस्टम के आसपास खुला एरिया होना जरूरी है ताकि वह बेहतर तरीके से काम करे लेकिन वर्तमान में पेड़ों के अलावा बारिश के कारण लंबी-लंबी घास उग आई है। डॉ. रिजवान ने बताया कि जल्द इनकी भी छंटाई करवाई जाएगी।

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