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कार बाजार में बदली ग्राहकों की पसंद, CNG-EV की बढ़ी मांग

CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारों की मांग भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में तेजी से बढ़ रही है। अब ग्राहक गाड़ी खरीदते समय सिर्फ पेट्रोल या डीजल मॉडल पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि कम खर्च और बेहतर माइलेज देने वाले विकल्पों को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। अक्टूबर 2026 के खुदरा बिक्री आंकड़ों में भी यह बदलाव देखने को मिला। इस महीने CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक पैसेंजर गाड़ियों की संयुक्त बाजार हिस्सेदारी पेट्रोल और एथेनॉल से चलने वाली कारों से आगे निकल गई।

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फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के मुताबिक, अक्टूबर में कुल पैसेंजर व्हीकल बिक्री में इन वैकल्पिक ईंधन वाली गाड़ियों की हिस्सेदारी 41.83 फीसदी रही, जबकि पेट्रोल और एथेनॉल वाहनों की हिस्सेदारी 41.60 फीसदी दर्ज की गई। इस तरह मामूली अंतर से CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक गाड़ियों ने बढ़त बना ली। इससे पहले सितंबर में पेट्रोल कारें आगे थीं, लेकिन त्योहारी महीने में बाजार का रुख फिर बदल गया।

अगस्त से जारी है पेट्रोल और वैकल्पिक ईंधन वाली कारों के बीच मुकाबला

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भारतीय बाजार में पेट्रोल और दूसरे ईंधन से चलने वाली गाड़ियों के बीच यह मुकाबला पिछले कुछ महीनों से देखने को मिल रहा है। अगस्त 2026 में CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों की संयुक्त हिस्सेदारी 41.95 फीसदी तक पहुंच गई थी। उस दौरान पेट्रोल मॉडल्स की हिस्सेदारी 40.85 फीसदी रही थी। हालांकि, सितंबर में पेट्रोल कारों ने वापसी की और 41.27 फीसदी हिस्सेदारी के साथ आगे निकल गईं। इस महीने वैकल्पिक ईंधन वाली गाड़ियों की हिस्सेदारी करीब 41 फीसदी रही। अब अक्टूबर के आंकड़ों में एक बार फिर CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों ने बढ़त हासिल कर ली है।

CNG कारों की मांग सबसे ज्यादा, हाइब्रिड वाहनों ने भी पकड़ी रफ्तार

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वैकल्पिक ईंधन वाली गाड़ियों में CNG कारें भारतीय ग्राहकों की पसंद बनी हुई हैं। अक्टूबर 2026 में कुल पैसेंजर व्हीकल बाजार में CNG मॉडल्स की हिस्सेदारी 24.59 फीसदी रही। पिछले साल अक्टूबर में यह आंकड़ा 23.20 फीसदी था। यानी एक साल में CNG कारों की मांग में बढ़ोतरी हुई है। वहीं, हाइब्रिड कारों की लोकप्रियता भी तेजी से बढ़ रही है। अक्टूबर 2025 में इनकी बाजार हिस्सेदारी 6.96 फीसदी थी, जो अक्टूबर 2026 में बढ़कर 9.94 फीसदी हो गई। कम ईंधन खर्च और बेहतर माइलेज की उम्मीद के चलते ग्राहक अब हाइब्रिड तकनीक वाली कारों को भी पसंद कर रहे हैं।

इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी में सालाना आधार पर बड़ा उछाल

इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली है। अक्टूबर 2026 में कुल पैसेंजर व्हीकल खुदरा बिक्री में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी 7.30 फीसदी रही। हालांकि, सितंबर में यह आंकड़ा 8.45 फीसदी था, यानी महीने-दर-महीने इसमें कमी आई है। लेकिन पिछले साल के मुकाबले इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी में बड़ा इजाफा हुआ है। अक्टूबर 2025 में ईवी की हिस्सेदारी 3.55 फीसदी थी, जो अब बढ़कर 7.30 फीसदी हो गई है। इससे साफ है कि इलेक्ट्रिक कारों को लेकर ग्राहकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है।

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देश में EV की बिक्री ने बनाया नया रिकॉर्ड

अगर पूरे वाहन बाजार की बात करें तो अक्टूबर 2026 में सभी श्रेणियों को मिलाकर इलेक्ट्रिक वाहनों की खुदरा बिक्री करीब 3.55 लाख यूनिट तक पहुंच गई। इसके साथ ही देश में कुल वाहन बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी बढ़कर 11.5 फीसदी हो गई। CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों के नए विकल्पों के साथ ग्राहक अब गाड़ी खरीदने से पहले माइलेज, रनिंग कॉस्ट और ईंधन पर होने वाले खर्च का भी हिसाब लगा रहे हैं। यही वजह है कि भारतीय ऑटो बाजार में वैकल्पिक ईंधन वाली गाड़ियों की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। आने वाले समय में यह बदलाव कार कंपनियों की रणनीति और नए मॉडल लॉन्च करने के फैसलों पर भी असर डाल सकता है।

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