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सवारी मार्ग पर रातभर चली सजावट लाइट, ध्वज और गुब्बारों से सजाया

अक्षरविश्व लाइव : तन्मयता से जुटे हैं भक्त बाबा की अगवानी के लिए

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अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। भगवान महाकाल आज ठाट-बाट के साथ राजसी सवारी में निकलेंगे। शाम 4 बजे से मंदिर से सवारी शुरू होगी। सवारी के स्वागत के लिए रविवार रात से ही तैयारियां शुरू हो गई। करीब 7 किमी लंबे पूरे सवारी मार्ग को दुल्हन की तरह सजाया गया है। रंग-बिरंगी लाइट, लिग्गियां, धर्मध्वजा, गुब्बारों की सजावट की गई है। करीब 25 से अधिक स्वागत मंच सवारी मार्ग पर बनाए गए हैं। इन मंचों से सवारी निकलने के बाद प्रसादी वितरण किया जाएगा। शहर में उत्साह का माहौल है। लोग उल्लास में डूबे हैं।

महाकाल से रामघाट दूरी: 1.2  किमी : रंग-बिरंगी लिग्गियों से सजा मार्ग

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महाकाल मंदिर के गेट पर रविवार रात से ही लाइटिंग जगमगा रही है, स्वागत मंच बनाए गए हैं। महाकाल घाटी मार्ग पर रंगबिरंगी लिग्गियां सजी हंै, चौबीस खंभा माता मंदिर और आसपास के क्षेत्र में भी लाइटिंग की गई है। यहां भी स्वागत मंच बनाए गए हैं। रामघाट पर श्रीराम मंदिर के नीचे घाटी से नदी तट तक गुब्बारे से मार्ग को सजाया गया है।

रामघाट से टंकी चौराहा दूरी: 1.4 किमी : फूलों और गुब्बारों से की सजावट

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रामघाट पर पूजन के बाद सवारी इसी मार्ग से वृहद स्वरूप धारण करेगी। गणगौर दरवाजे तक आकर्षक लाइटिंग की गई है। शहनाई गार्डन पर फूलों का द्वार बनाया गया है। कार्तिक चौक में लाइटिंग और लिग्गियां लगी हैं। खाती समाज मंदिर पर सजावट है और गेबी साहब मंदिर के बाहर भगवा पताकाएं और फूल-पत्तियों का तोरण लगाया है।

टंकी चौराहा से कंठाल दूरी : 1.5 किमी : अंतिम सवारी होने से लोग बेकरार

इस मार्ग पर भगवान महाकाल की सिर्फ अंतिम सवारी ही पहुंचती है। इस कारण रहवासी स्वागत को बेकरार हैं। रातभर से स्वागत मंच और लिग्गियां लगाने की तैयारी चल रही थी। तेलीवाड़ा चौराहा लाइट से सजाया गया है। कंठाल तक कई जगह स्वागत मंच बनाए गए हैं। यहां सवारी गुजरने के बाद प्रसादी वितरण भी होगा।

कंठाल से गोपाल मंदिर दूरी: 1.1 किमी : संकरे मार्ग पर दिल खोलकर तैयारी

कंठाल से सतीगेट, कंठाल चौराहा और गोपाल मंदिर तक का सवारी मार्ग सबसे संकरा है। व्यापारिक क्षेत्र है। तैयारियां दिल खोलकर की गई है। आकर्षक लाइटों से पूरा मार्ग सजा है। झंडे, लिग्गियों से मार्ग को सजाया गया है। पूरे मार्ग पर भव्य लाइटिंग की गई है। जगह-जगह पुष्पवर्षा और प्रसाद वितरण की व्यवस्था व्यापारी संगठनों ने की है।

गोपाल मंदिर-सभामंडप दूरी: 1.5 किमी : रात में रोशनी से दमकेगा पूरा क्षेत्र

गोपाल मंदिर दुल्हन की तरह सजा है। स्वागत मंच बनाए गए हैं। यहां सर्वाधिक भीड़ भी सवारी के दौरान होती है। पूरे पटनी बाजार को लाइटों से जगमग किया गया है। जगह-जगह स्वागत की तैयारी है। गोपाल मंदिर से गुदरी चौक तक स्वागत मंच बनाए गए हैं। यहां से पालकी पर पुष्पवर्षा की जाएगी। भक्तों को प्रसादी वितरण भी किया जाएगा।

कब-कहां रहेगी सवारी

शाम 4 बजे मंदिर से रवानगी।

4.20 बजे महाकाल घाटी चौराहा

4.30 बजे गुदरी चौराहा

5 बजे हरसिद्धि पाल

6 बजे वापसी बंबई वाले की धर्मशाला

6.30 बजे गणगौर दरवाजा

7 बजे सत्यनारायण मंदिर

7.30 बजे कमरी मार्ग

7.45 बजे टंकी चौराहा

8 बजे तेलीवाड़ा

8.30 बजे कंठाल चौराहा

9 बजे गोपाल मंदिर

9.30 बजे गुदरी चौराहा

9.45 बजे महाकाल घाटी चौराहा

यह 17 मार्ग नो व्हीकल जोन

हरिफाटक चौराहा से बेगमबाग

दानीगेट से रामानुज कोट

गुदरी चौराहा से कहारवाड़ी-रामघाट

तेलीवाड़ा से कमरी मार्ग

निकास चौराहा से तेलीवाड़ा

क्षीर सागर से कंठाल चौराहा

बियावानी से तेलीवाड़ा

नरेन्द्र टॉकीज से कंठाल

निकास चौराहे से तेलीवाड़ा।

क्षीर सागर तिराहे से कंठाल

भार्गव तिराहे से टंकी चौक

केडी गेट से कमरी मार्ग

चक्रतीर्थ तिराहे से दानीगेट

शंकराचार्य चौराहे से दानीगेट

तोपखाने से लोहे का पुल

नलिया बाखल से बेगमबाग चौराहा

बारह खोली से बेगमबाग

बाहरी वाहनों के लिए पार्किंग

भोपाल, इंदौर, देवास से आने वाले वाहनों के लिए- वाकणकर पार्किंग, मन्नत गार्डन पार्किंग, हरिफाटक ब्रिज के नीचे पार्किंग, कर्कराज पार्किंग।

बडऩगर एवं नागदा से आने वाले वाहनों के लिए – कार्तिक मेला ग्राउंड में पार्किंग।

मक्सी, आगर से आने वाले वाहनों के लिए – क्षीर सागर स्टेडियम, सामाजिक न्याय परिसर मेें पार्किंग।

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