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डीजे वाले बाबू अब नहीं कर सकेंगे शोर

बैठक: एसडीएम व एएसपी ने डीजे संचालकों को दी हिदायत, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन करें

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। शादी समारोह का दौर शुरू हो चुका है। इसके अलावा शहर में आए दिन जुलूस, चल समारोह भी निकलते हैं जिनमें डीजे का उपयोग होता है। डीजे संचालक सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित डेसीबल सीमा से अधिक ध्वनि में स्पीकर बजाते हैं जिससे आम जन को असुविधा होती है। लंबे समय बाद पुलिस व प्रशासन के अफसरों ने डीजे संचालकों की बैठक लेकर कोर्ट के निर्देशों का पालन करने की हिदायत दी।

शांति और व्यवस्था बनाए रखने तथा आम जनता को अनावश्यक असुविधा से बचाने के लिए अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी अनुकूल जैन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से बैठक लेकर डीजे संचालकों को बुलाया। बैठक में डीजे संचालकों को निर्देश दिया गया कि वे सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित डेसिबल सीमा का सख्ती से पालन करें। यह निर्णय परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों के अध्ययन में व्यवधान, वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा और अस्पतालों में भर्ती मरीजों को शांति प्रदान करने के उद्देश्य से लिया है।

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10 बजे बाद डीजे संचालन प्रतिबंधित

अफसरों ने डीजे संचालकों को विभिन्न बिंदुओं से समझाईश दी जिसमें डीजे का संचालन रात 10 बजे के बाद बिल्कुल प्रतिबंधित रहेगा, डीजे का ध्वनि स्तर निर्धारित डेसिबल से अधिक नहीं होना चाहिए, जो सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुमोदित सीमा है, डीजे संचालक सार्वजनिक स्थलों, अस्पतालों, स्कूलों और आवासीय इलाकों के आसपास विशेष ध्यान रखें और वहां ध्वनि नियंत्रण का पालन करें, निर्देशों का उल्लंघन करने पर संबंधित डीजे संचालकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें डीजे उपकरण जप्त करना और जुर्माना लगाना शामिल होगा।

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उल्लंघन पर थाना प्रभारी करेंगे कार्रवाई- अधिकारियों द्वारा सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में डीजे संचालकों पर नजर रखें और नियमों का पालन सुनिश्चित करें। साथ ही, जनता से भी अपील की गई है कि वे इस संबंध में किसी भी प्रकार की शिकायत तत्काल पुलिस या प्रशासन को दें।

मोबाइल से चैक कर सकते हैं डेसीबल
सीएसपी माधव नगर दीपिका शिंदे ने चर्चा में बताया कि अलग-अलग क्षेत्र व स्थानों के डेसीबल कोर्ट द्वारा निर्धारित किए गए हैं जो 45 से लेकर 75 तक हो सकते हैं। ध्वनि का डेसीबल चैक करने के लिए बाजार से यंत्र खरीद सकते हैं इसके अलावा मोबाइल में एप डाऊनलोड कर डेसीबल चैक किया जा सकता है जिसे आमजन उपयोग कर ध्वनि प्रदूषण चैक कर सकते हैं। निर्धारित डेसीबल से अधिक ध्वनि होने पर संबंधित थाने में शिकायत की जा सकती है। इसके अलावा डीजे संचालकों को भी यंत्र का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।

वाहन पर डिस्प्ले लगाएं, कागज से भी चिपकाएं
एएसपी सिटी नितेश भार्गव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा डीजे संचालन की 4 श्रेणियां निर्धारित की हैं जिनमें आवासीय, वाणिज्यिक, साईलेंट और औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं। साइलेंट क्षेत्र में डीजे का डेसीबल 40 रखा गया है जबकि औद्योगिक क्षेत्र में 75 है। खास बात यह कि कोर्ट द्वारा दिन और रात की श्रेणियां अलग-अलग रखी हैं जिनमें रात के समय निर्धारित श्रेणी से 5 डेसीबल कम होगी। डीजे ऑपरेटर्स को समझाईश दी गई है कि वह अपने वाहनों पर डिस्प्ले लगाएं जिसमें आमजन को डेसीबल दिखता रहे साथ ही शासन की गाइड लाइन को कागज पर प्रिंट कराकर वाहन पर चस्पा करें। इससे डीजे ऑपरेटर्स को ही फायदा होगा, यदि कोई व्यक्ति निर्धारित डेसीबल से अधिक आवाज में बजाने की जिद करता है तो आपरेटर्स उसे गाइड लाइन दिखा सकते हैं।

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