तडक़े 4 बजे खुले पट, पूर्ण शृंगार के साथ प्रथम पूज्य ने दिए दर्शन

भगवान चिंतामण गणेश की दूसरी जत्रा पर उमड़े भक्त
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। चिंतामण गणेश मंदिर में चैत्र मास की दूसरी जत्रा पर बुधवार को जमकर श्रद्धालु उमड़े। उन्होंने लाइन में लगकर दर्शन किए और भगवान श्रीगणेश के जयकारे लगाए। इसमें नवविवाहित जोड़ों की संख्या ज्यादा रही। इस बीच किसानों ने अपनी नई फसल का कुछ हिस्सा भगवान को अर्पित किया। भगवान चिंतामण गणेश की तीसरा जत्रा 2 अप्रैल और चौथी जत्रा 9 अप्रैल को होगी।
दरअसल, चैत्र मास में भगवान श्रीगणेश की आराधना का विशेष महत्व है। हर साल चैत्र मास में भगवान चिंतामण गणेश की जत्रा का आयोजन किया जाता है। इस बार चार जत्राओं का क्रम रंगपंचमी से शुरू हुआ। बुधवार को दूसरी जत्रा पर तडक़े ४ बजे मंदिर के पट खुले। भगवान का अभिषेक कर मनोहारी शृंगार किया गया। इसके बाद पूर्ण शृंगार के साथ श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू हुए। गर्भगृह के बाहर से उन्होंने दर्शन किए। शयन आरती तक श्रद्धालुओं को दर्शन होंगे।
अनाज भी किया अर्पित
चैत्र मास में गेहूं की फसल पककर तैयार हो जाती है। किसान अपनी उपज बाजार में बेचने से पहले उसका कुछ भाग भगवान को अर्पित करते हैं। बुधवार को भी कुछ किसान मंदिर पहुंचे और अपनी उपज का कुछ हिस्सा भगवान चिंतामण गणेश को अर्पित किया।
मंदिर में भगवान गणेश की 3 प्रतिमाएं
मंदिर में भगवान गणेश की तीन प्रतिमाएं विराजित हैं। भगवान चिंतामण गणेश के साथ-साथ यहां सिद्धि विनायक और इच्छामन गणेश का आशीर्वाद भी मिलता है। कहा जाता है भगवान श्रीराम ने वनवास के दौरान चिंतामण गणेश की स्थापना की थी। इसके अलावा सिद्धि विनायक और इच्छामन गणेश की स्थापना मां सीता और लक्ष्मण जी ने की थी। भगवान के दर्शन से श्रद्धालुओं की चिंता दूर होने के साथ उनकी इच्छाएं भी पूरी होती हैं।