बिछड़ौद में दुर्गा वाहिनी की संयोजिका ने की आत्महत्या

ससुरालवालों पर दहेज प्रताडऩा का आरोप

उज्जैन। घट्टिया थाना क्षेत्र के गांव बिछड़ौद में दुर्गा वाहिनी की संयोजिका ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना के समय परिजन बाहर गए थे। छोटे भाई-बहन ने फंदे पर बहन का शव देखा तो ग्रामीणों को बुलाया। शव उतारकर निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने ससुराल वालों पर दहेज प्रताडऩा का आरोप लगाया है।
कोतवाली पुलिस के मुताबिक २० साल की इशिता प्रजापति पिता नंदकिशोर निवासी बिछड़ौद की चार महीने पहले संदीप प्रजापति से शादी हुई थी। एक माह साथ रहने के बाद ही वह मायके आ गई थी। परिजनों के मुताबिक ससुराल वाले बाइक की मांग को लेकर परेशान कर रहे थे।
इसे लेकर दोनों परिवारों में खटपट हो रही थी। तब से इशिता मायके में रह रही थी। सोमवार को उसके माता-पिता मोहन बड़ोदिया में रहने वाली बड़ी बेटी के यहां गए थे। उनके जाने के कुछ ही देर बाद इशिता ने फांसी लगा ली। तहसीलदार की उपस्थिति में पंचनामा बनाकर इशिता का पीएम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिवार और गांववालों ने बताया इशिता समाज सेविका और हिंदूवादी संगठन दुर्गा वाहिनी की संयोजिका थी।









