पूर्व आईएएस, आईपीएस, सैन्य अधिकारी और प्रबंधन विशेषज्ञ दौड़ में

सीईओ उम्मीदवारों से श्रीराम में आस्था पर पूछे सवाल
अयोध्या, एजेंसी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति प्रक्रिया निर्णायक दौर में पहुंच गई है। अयोध्या में शॉर्टलिस्ट किए गए 18 अभ्यर्थियों के साक्षात्कार की शुरुआत हुई। पहले दिन सात अभ्यर्थियों से सवाल-जवाब किए गए। बाकी अभ्यर्थियों के साक्षात्कार आज बुधवार को होंगे।
सूत्रों के मुताबिक पैनल ने अभ्यर्थियों से उनके अब तक के कार्य अनुभव, प्रबंधन और श्रीराम में उनकी आस्था समेत सामाजिक भागीदारी के बारे में जानकारी ली गई। करीब 5200 आवेदनों में से उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने 18 को साक्षात्कार के लिए चुना है।
कहां काम किया, कितनी भीड़ संभाली
सीईओ के चयन के लिए साक्षात्कार में प्रशासनिक अनुभव के साथ भीड़ प्रबंधन, वित्तीय व्यवस्था, मंदिर संचालन और सामाजिक-धार्मिक जुड़ाव से जुड़े सवाल किए गए। चयनकर्ताओं ने अभ्यर्थियों से उनके पूर्व कार्यक्षेत्र, जिम्मेदारियों और उपलब्धियों के बारे में जानकारी ली। यह भी पूछा गया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में कितनी बड़ी भीड़ वाले आयोजनों का प्रबंधन किया है।
चढ़ावा चोरी मुद्दे पर हंगामा
नई दिल्ली, एजेंसी। राज्यसभा में विपक्षी सांसदों के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर विरोध के कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई। हंगामे के चलते पहले सदन की कार्यवाही बारह बजे तक और दोबारा दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दोपहर 12 बजे पहली बार स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई और सभापति ने निर्धारित प्रश्नकाल शुरू कराया।
इसी दौरान विपक्ष के नेता एवं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कथित चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठाने का प्रयास किया। सभापति सीपी राधाकृष्णन ने इस विषय को सदन में उठाने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि यह राज्य से संबंधित विषय है, इसलिए इसे सदन में नहीं उठाया जा सकता। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसी आधार पर उन्होंने सत्तापक्ष के सदस्यों को भी झारखंड से संबंधित राज्य विषय उठाने की अनुमति नहीं दी थी। सभापति ने कहा कि विपक्ष के नेता द्वारा उठाया जा रहा विषय राज्य का विषय है।









