मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए कई अहम निर्णय

25 सितंबर से एमपी में 350 सुगम बसें चलेंगी, भोपाल से शुरुआत करेंगे गडकरी
अक्षरविश्व न्यूज भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश में बुनियादी ढांचे, कृषि विस्तार और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण को नई गति देने के उद्देश्य से लगभग 13 हजार 790 करोड़ से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम बस परिवहन योजना की शुरुआत 25 सितंबर को भोपाल से होगी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी 350 बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
निजी बस ऑपरेटरों के साथ अनुबंध कर इन बसों का संचालन किया जाएगा। सरकार ने मार्च 2027 तक प्रदेश में 1 हजार बसें शुरू करने का लक्ष्य रखा है। इलेक्ट्रिक बसों को प्राथमिकता दी जाएगी। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि परिवहन विभाग ने बैठक में योजना का प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने कहा कि करीब 20 साल से यात्री परिवहन की मॉनिटरिंग का काम नहीं हो रहा था। अब यात्री सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थित परिवहन व्यवस्था शुरू की जा रही है।
2031 तक 14,981 बसों का लक्ष्य
सरकार ने वर्ष 2030-31 तक ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 14,981 बसें चलाने का लक्ष्य रखा है। बसों में सीसीटीवी और जीपीएस लगाए जाएंगे। इससे बसों की लोकेशन की निगरानी हो सकेगी। नए बस टर्मिनल पीपीपी मॉडल पर बनाए जाएंगे। यात्रियों को सही टिकट और उचित किराया मिले, इस पर भी फोकस रहेगा।
स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, 960 करोड़ का प्रावधान
प्रदेश की हर विधानसभा में मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना को भी मंजूरी दी गई है। जहां 10 एकड़ से ज्यादा जमीन उपलब्ध होगी, वहां करीब 7 करोड़ रुपए की लागत से स्टेडियम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। इसमें इनडोर और आउटडोर खेलों की सुविधा के साथ खिलाडिय़ों की ट्रेनिंग के लिए कोच भी रहेंगे। काश्यप के मुताबिक, प्रदेश की 140 विधानसभा सीटों में अभी खेल सुविधाएं नहीं हैं, जबकि करीब 90 जगहों पर सीमित सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रस्तावित स्टेडियम में हेलीपैड की व्यवस्था भी की जा सकेगी। इसका इस्तेमाल जरूरत पडऩे पर एयर एंबुलेंस के जरिए गंभीर मरीजों को एयरलिफ्ट करने में किया जा सकेगा। इसके लिए कैबिनेट ने 960 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।
2037 तक 2,800 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की तैयारी
पावर मैनेजमेंट कंपनी की रिपोर्ट के अनुसार औद्योगिक विकास और शहरों के विस्तार के चलते वर्ष 2037 तक प्रदेश में 1,900 मेगावाट बिजली की कमी का आकलन किया गया है। इसे देखते हुए 1,900 और 900 मेगावाट क्षमता के थर्मल पावर स्टेशन शुरू करने की प्रक्रिया को मंजूरी दी गई है। कुल 2,800 मेगावाट क्षमता के लिए कार्रवाई होगी। थर्मल पावर स्टेशन तैयार होने में करीब 5 से 7 साल लगते हैं। सरकार इंदौर से भोपाल होते हुए जबलपुर तक ग्रीनफील्ड हाईवे विकसित करने की भी तैयारी कर रही है।
कैबिनेट से पहले इन मुद्दों पर भी चर्चा
बैठक से पहले मंत्री काश्यप ने बताया कि प्रदेश में 3.88 करोड़ दीये प्रज्ज्वलित किए गए, जबकि उज्जैन में 32 लाख से अधिक दीये जलाए गए। प्रदेश में करीब 1,100 स्थानों पर रक्तदान की जानकारी भी दी गई। स्कूल शिक्षा विभाग के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि प्राथमिक स्तर पर इस साल ड्रॉपआउट दर शून्य रही है, जबकि 2002-03 में यह 15 प्रतिशत थी। गांधीसागर में मादा चीता राधा को छोड़े जाने के बाद अब क्षेत्र में चार चीते होने की जानकारी भी कैबिनेट में दी गई।
कैबिनेट के अन्य फैसले
इंदौर डेंटल कॉलेज में सीटें 63 से बढ़ाकर 100 करने को मंजूरी।
9,061 करोड़ रुपए की योजनाओं को वर्ष 2031 तक जारी रखने की मंजूरी।
राजगढ़ की पार्वती नदी पर सुठालिया सिंचाई परियोजना और नीमच-जावद दाबयुक्त सिंचाई योजना इसमें शामिल।
ग्राम न्यायालय योजना और विधिक सहायता सलाहकार बोर्ड को मंजूरी।









