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Gold-Silver Price Crash: सोना-चांदी हुए धड़ाम, ऑल टाइम हाई से ₹45,000 तक टूटे दाम; जानें 4 बड़ी वजहें

सोना 14 हजार और चांदी 45 हजार टूटी, जानें कब होगी वापसी!

बुलियन मार्केट में इस समय भारी हलचल मची हुई है। लगातार रिकॉर्ड बनाते सोने और चांदी की कीमतों में अचानक बड़ा क्रैश देखने को मिल रहा है। इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार पिछले एक महीने में सोना करीब 14,000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक टूट चुका है जबकि चांदी में 45,000 रुपए प्रति किलोग्राम से अधिक की भारी गिरावट आई है। इस अप्रत्याशित गिरावट ने आम उपभोक्ताओं से लेकर बड़े निवेशकों तक सभी को हैरान कर दिया है।

 

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सोने में इतनी बड़ी गिरावट के पीछे क्या कारण हैं?

एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के मुताबिक कॉमेक्स पर सोना अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 28 प्रतिशत और MCX पर 19 प्रतिशत तक टूट चुका है। इसके पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण हैं।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रखने की आशंका और सख्त मौद्रिक नीतियों के कारण सोने पर दबाव बढ़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती के कारण निवेश का प्रवाह सोने से हटकर डॉलर की तरफ शिफ्ट हो रहा है। बढ़ती महंगाई के चलते केंद्रीय बैंकों का सख्त रुख बरकरार है जिसका सीधा असर कीमती धातुओं पर पड़ रहा है। भारतीय बाजार की बात करें तो पिछले एक महीने में सोने की फिजिकल डिमांड में लगभग 70 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है जो कीमतों को नीचे खींचने की बड़ी वजह बनी है।

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चांदी में सोने से भी ज्यादा गिरावट क्यों?

MCX पर चांदी अपने उच्चतम स्तर से 45 प्रतिशत से ज्यादा और कॉमेक्स पर 49 प्रतिशत से अधिक सस्ती हो चुकी है। एक्सपर्ट के अनुसार इसके पीछे मुख्य रूप से औद्योगिक कारण हैं।

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव से वैश्विक सप्लाई चेन और औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। चांदी सिर्फ कीमती धातु नहीं बल्कि एक प्रमुख औद्योगिक कमोडिटी भी है। वैश्विक स्तर पर औद्योगिक उत्पादन कमजोर पड़ने से चांदी की मांग घट रही है। इसके अलावा चांदी हमेशा सोने के रुख का अनुसरण करती है इसलिए सोने में गिरावट के साथ-साथ चांदी भी भारी बिकवाली का शिकार हो रही है।

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गिरावट कब थमेगी और तेजी कब लौटेगी?

एक्सपर्ट का मानना है कि फिलहाल बुलियन मार्केट वास्तविक मांग-आपूर्ति के बजाय भू-राजनीतिक परिस्थितियों और वैश्विक आर्थिक आंकड़ों के आधार पर चल रहा है। डॉलर की मजबूती के चलते वैश्विक स्तर पर मांग कमजोर बनी हुई है। हालांकि भारत में आगामी त्योहारी और शादी के सीजन यानी अगस्त से दिसंबर के बीच सोने और चांदी की घरेलू मांग में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है। जैसे ही त्योहारी मांग वापस लौटेगी कीमतों को निचला स्तर मिलेगा और वहां से दोबारा रिकवरी की उम्मीद की जा सकती है।

शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म टारगेट प्राइस क्या है?

शॉर्ट टर्म में सोना अंतरराष्ट्रीय बाजार में 3800 से 4000 डॉलर के स्तर तक जा सकता है। घरेलू बाजार में सोना 1,20,000 से 1,25,000 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,10,000 से 2,20,000 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर तक जा सकती है। आज 12 जून को भारत में 24 कैरेट सोना 1.50 लाख से 1.60 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1.35 लाख से 1.45 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर ट्रेंड कर रहा है। चांदी 2.3 लाख से 2.5 लाख रुपए प्रति किलो के आसपास है। एक्सपर्ट की सलाह है कि निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि सोने और चांदी का लॉन्ग टर्म ट्रेंड अभी भी पूरी तरह मजबूत और सकारात्मक बना हुआ है।

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