बच्चा अचानक सवाल पूछना बंद कर दे तो पैरेंट्स इन 6 बातों पर दें ध्यान

बच्चों का हर छोटी-बड़ी बात पर सवाल पूछना उनकी जिज्ञासा और सीखने का हिस्सा है। लेकिन अगर बच्चा अचानक चुप रहने लगे और सवाल पूछना कम कर दे, तो माता-पिता को उसके व्यवहार में आए इस बदलाव को समझने की कोशिश करनी चाहिए। कई बार बच्चा किसी डर, परेशानी या डांट के कारण अपनी बात कहने से बच सकता है। ऐसे में उसे डांटने के बजाय प्यार से बात करना और उसकी बात ध्यान से सुनना जरूरी है।
बच्चे के सवाल कम हो जाएं तो इन 6 बातों पर करें गौर
1.अचानक बदलाव को नजरअंदाज न करें
अगर पहले बच्चा खूब बातें करता था और अब चुप रहने लगा है, स्कूल की बातें नहीं बताता या अपनी पसंद-नापसंद साझा नहीं करता, तो उससे प्यार से बात करें। हो सकता है वह किसी परेशानी या डर की वजह से अपनी बात कहने से बच रहा हो।
2.बार-बार डांटने से बचें
“इतने सवाल क्यों करते हो?” या “चुप रहो” जैसी बातें बच्चे को अपनी जिज्ञासा दबाने पर मजबूर कर सकती हैं। उसकी बात पूरी सुनें और कोशिश करें कि सवाल पूछने पर उसे शर्मिंदा महसूस न हो।
3.जवाब नहीं पता तो साथ में खोजें
हर सवाल का जवाब माता-पिता को पता हो, यह जरूरी नहीं है। ऐसी स्थिति में बच्चे से कहें, “मुझे अभी नहीं पता, चलो साथ में पता करते हैं।” इससे बच्चे को लगेगा कि सवाल पूछना गलत नहीं है और वह आगे भी अपनी जिज्ञासा खुलकर बता सकेगा।
4.बच्चे की बात ध्यान से सुनें
बच्चे से बात करते समय मोबाइल या दूसरी चीजों में व्यस्त न रहें। उसकी बात ध्यान से सुनें और बीच में टोके बिना अपनी बात कहने का मौका दें। इससे बच्चे को महसूस होता है कि उसकी बातें और भावनाएं माता-पिता के लिए महत्वपूर्ण हैं।
5.व्यवहार में बदलाव पर नजर रखें
अगर बच्चा लगातार चिड़चिड़ा रहने लगे, अकेला रहना पसंद करे या पहले पसंद आने वाली चीजों में रुचि कम हो जाए, तो इस बदलाव को गंभीरता से लें। उसे डांटने या पूछताछ करने के बजाय प्यार से बात करने की कोशिश करें।
6.बच्चे को सुरक्षित माहौल दें
बच्चे को यह भरोसा होना चाहिए कि वह बिना डर अपनी बात कह सकता है। घर में ऐसा माहौल बनाएं जहां उसके सवाल, भावनाएं और परेशानियां सुनी जाएं। माता-पिता का भरोसेमंद व्यवहार बच्चे को अपनी बात खुलकर रखने में मदद करता है।









