समाज सेवा : नौकरीपेशा और विद्यार्थियों को करा रहे भोजन

पर्युषण में दिगंबर जैन समाज ने शुरू की रसोई
उज्जैन। दिगंबर जैन समाज के युवा पर्युषण पर्व की शुद्धता को बरकरार रखने के लिए एक अनूठा काम कर रहे हैं। वे नौकरीपेशा और विद्यार्थियों को दोनों समय भोजन करा रहे हैं। उन्होंने फ्रीगंज स्थित आचार्य विद्यासागर भवन अतिथि गृह में रसोई शुरू की है। यह दोनों समय जैनी भोजन परोसा जा रहा है। सेवा का लाभ करीब १०० लोग ले रहे हैं। यह पहला साल है। अगले साल इसे और बड़े स्तर पर करने की योजना है।
दरअसल, पर्युषण जैन समाज को सबसे बड़ा पर्व है। यह आत्मशुद्धि पर जोर देता है। समाजजन पूरे दस दिन तक धर्म आराधना में डूबे रहते हैं। स्थानीय लोग तो तप आराधना आसानी से कर लेते हैं लेकिन अन्य शहर से यहां आकर रहने वाले विद्यार्थियों और नौकरीपेशाओं को बड़ी दिक्कत होती है। परिवार से दूर रहने के कारण वे शुद्ध आहारचर्या नहीं रख पाते। इन लोगों की परेशानी को देखते हुए दिगंबर जैन समाज ने पहली बार रसोई सेवा शुरू की है।
12 लोगों की टीम ने संभाली कमान, दोनों टाइम करा रहे भोजन
समाज के 12 लोगों की टीम ने भोजन व्यवस्था की कमान संभाल रखी है। वे सुबह 7 बजे से ही व्यवस्था संचालन में लग जाते हैं। सुबह 10 बजे तो यह 150 लोगों का भोजन तैयार कर लेते हैं। भोजनशाला में लंच सुबह 10 से दोपहर 1 तक होता है। बर्तन साफ करने और डिनर की तैयारी की जाती है। डिनर सेवा शाम 5 से शुरू हो जाती है और सूर्यास्त से पहले शाम 6 बजे पूरी हो जाती है। हालांकि टीम के लिए यह काम नया नहीं है। कोरोना काल मेें भी वह इस तरह की सेवा कर चुकी है।
टीम के प्रसन्न बिलाला बताते हैं कि आचार्य समय सागर जी ने उन्हें भोजन सेवा शुरू करने की प्रेरणा दी थी। उनका मानना था कि नौकरी पेशा और बाहरी विद्यार्थी मजबूरीवश रात्रि भोजन का त्याग नहीं कर पाते। पर्युषण में वह धर्म का पालन तो करना चाहते हैं, लेकिन सुविधा उपलब्ध नहीं होने से उन्हें दिक्कत होती है। ऐसे में भोजनशाला शुरू की जानी चाहिए।
ये दे रहे सेवा
व्यवस्था संचालन में धर्मेंद्र सेठी, राहुल जैन, जिनेंद्र जैन, संजय कासलीवाल, ललित जैन, आशीष गोहिल, प्रसन्न बिलाला, शौर्य जैन, अंबर जैन, प्रासुक,योगेश जैन एवं कमल बडज़ात्या जुटे हुए हैं। खास बात यह है कि यह भोजन में ताजी सामग्री का इस्तेमाल करते हैं। सब्जी से लेकर मसाले रोज तैयार किए जाते हैं। अभी करीब 100 लोग दोनों समय सेवा का लाभ ले रहे है। इस पर १.५ लाख रुपए का खर्च अनुमानित है।









