एक दिन भी पीएफ कटा तो पारिवारिक पेंशन का हक मिल जाएगा

कानपुर, एजेंसी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की योजना कर्मचारी नामांकन अभियान (ईईसी) के तहत पंजीकृत कर्मचारी ने नामांकन के बाद एक दिन भी नौकरी की तो उसकी नौकरी के दौरान मृत्यु होने पर परिवार पेंशन का हकदार होगा।
भले ही इंप्लॉय एनरोलमेंट स्कीम के तहत नामांकित कर्मचारी का पिछली सेवा के दौरान का अंशदान जमा न किया गया हो। इसके लिए शर्त है कि नियोक्ता बीते वर्षों का अपने हिस्से का अंशदान जमा कर दे। ईपीएफओ किसी भी संस्थान में काम करने वाले सभी नए-पुराने कर्मचारियों को ईपीएफओ को इन योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए कैंप लगा रहा है।

औद्योगिक क्षेत्रों में कैंप लगा दी जा रही जानकारी….
ईपीएफओ ईसीसी के तहत पीएफ सुविधाओं का लाभ नौकरी करने वाले हर कर्मचारी को मिले, इसके लिए औद्योगिक क्षेत्रों में संगठनों के सहयोग से कैंप लगा रहा है। इसके तहत संस्थान के नियोक्ताओं और कर्मचारियों को जानकारी दी जा रही है। इस सुविधा की जानकारी देने के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में कैंप लगाए जा रहे हैं।
सुविधा अप्रैल तक ही मिलेगी
अप्रैल तक ही ईईसी नामांकन का लाभ मिलेगा, लिहाजा संस्थान अपने सभी नए पुराने कर्मचारियों का नामांकित करा लें। भले ही वर्षों से किसी संस्थान में काम करने के दौरान पीएफ सुविधाओं से वंचित रहे हों। एक दिन भी पीएफ अंशदान कटा तो मृत्यु की स्थिति में परिजनों को पारिवारिक पेंशन का लाभ मिलेगा।
यह फॉर्म भरना जरूरी पहले नॉमिनी अपडेट करें
ईपीएफओ की पेंशन के लिए फॉर्म-10डी भरना अनिवार्य है। इसके अलावा पीएफ राशि के लिए फॉर्म-20 और ईडीएलआई बीमा लाभ के लिए फॉर्म-5आईएफ जमा करना होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ईपीएफओ रिकॉर्ड में परिवार और नामांकन की जानकारी अपडेट होने से लाभ मिलने में देरी से बचा जा सकता है।
साढ़े सात हजार तक पेंशन
पेंशन राशि कर्मचारी के अंतिम वेतन और सेवा अवधि पर निर्भर करती है। वर्तमान में पारिवारिक पेंशन की न्यूनतम राशि एक हजार रुपए प्रतिमाह तय है। सामान्यत: यह राशि ढाई हजार से साढ़े सात हजार रुपये प्रतिमाह तक होती है। बच्चों को मिलने वाली पेंशन, विधवा/विधुर पेंशन का 25 प्रतिशत प्रति बच्चा होती है। पारिवारिक पेंशन कर्मचारी की मृत्यु की तारीख के अगले दिन से देय मानी जाती है। सभी आवश्यक दस्तावेज जमा होने के बाद आमतौर पर एक से तीन माह में पेंशन शुरू हो जाती है।
किसे और कितनी पारिवारिक पेंशन
ईपीएफओ से जुड़े किसी कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु होने पर उसके परिवार को कर्मचारी पेंशन योजना-1995 (ईपीएस-95) के तहत पारिवारिक पेंशन का लाभ मिलता है। यह पेंशन एक साथ नहीं, बल्कि क्रमवार पात्र सदस्यों को दी जाती है। सबसे पहले मृत कर्मचारी की पत्नी या पति को आजीवन या पुनर्विवाह तक पारिवारिक पेंशन दी जाती है। इसके बाद अधिकतम दो बच्चों को 25 वर्ष की आयु तक (या पुत्री के मामले में विवाह तक) पेंशन का प्रावधान है।









