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सिंहस्थ में ट्रैफिक क्राउड मैनेजमेंट की स्टडी करेगा आईआईएम इंदौर

स्पिरिचुअल और वेलनेस समिट में डायरेक्टर ने दी योजना की जानकारी

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। उज्जैन में आगामी सिंहस्थ-2028 में क्राउड मैनेजमेंट को लेकर आईआईएम इंदौर 5ई पर काम करते हुए स्टडी कर रहा है। जिसमें सिंहस्थ के दौरान भगदड़ और अन्य विपरीत परिस्थिति के साथ ही ट्रैफिक और क्राउड मैनेजमेंट शामिल है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे सरकार के सामने पेश किया जाएगा।

उज्जैन में वेलनेस समिट में शामिल होने आए इंदौर आईआईएम के डायरेक्टर हिमांशु राय ने बताया कि प्रयागराज कुम्भ के लिए आईआईएम इंदौर ने स्टडी कर यूपी सरकार को रिपोर्ट सौंपी थी। अब उज्जैन सिंहस्थ में हम शुरू से जुड़ेंगे और प्रयागराज कुंभ से जो सीखा है, उसे यहां उपयोग में लाएंगे। हम 5ई (एजुकेशन, इंफोर्समेंट, इंजीनियरिंग, इनवायरमेंट और इमरजेंसी) को ध्यान में रख कर हम सिंहस्थ की तैयारी कर रहे है। इसमें स्टडी करेंगे कि कितने समय में श्रद्धालु आते हैं, कितने समय में स्नान होता है और कितना समय उन्हें वापस जाने में लगता है।

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स्टडी में मिनिस्ट्री ऑफ टूरिज्म की रहेगी महत्वपूर्ण भूमिका
30 करोड़ श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आईआईएम इंदौर मैनेजमेंट का काम करेगा। मिनिस्ट्री ऑफ टूरिज्म के साथ मिलकर सिंहस्थ में ऑपरेशनल लॉजिस्टिक और ट्रैफिक को कैसे ठीक किया जा सकता है, इस पर काम होगा। सिर्फ महाकाल मंदिर ही नहीं उसके तीन किलोमीटर पहले से ट्रैफिक कंट्रोल करने पर ध्यान दिया जाएगा। शिप्रा नदी घाट को कैसे मेंटेन करें, लोगों के आवागमन की किस तरह की सुविधा हो, इन सभी पॉइंट को ध्यान में रखकर आईआईएम यह स्टडी कर रहा है।

30 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान

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आईआईएम इंदौर के डायरेक्टर हिमांशु रॉय ने कहा सिंहस्थ-2028 में शासन ने 30 करोड़ श्रद्धालुओं के उज्जैन आने का अनुमान लगाया है। इस अनुसार ही हम स्टडी कर रहे हैं और रिपोर्ट भी पेश करेंगे। हिमांशु रॉय ने यह भी बताया कि महाकालेश्वर मंदिर के पहले तीन किलोमीटर से ट्रैफिक प्लान तैयार होगा महाकालेश्वर मंदिर ही नहीं अन्य सभी बड़े मंदिर और पूरे शहर को ध्यान में रखते हुए प्लान तैयार किया जाएगा।

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