महाकालेश्वर भक्त निवास के नाम पर श्रद्धालुओं के साथ अब नहीं होगी धोखाधड़ी, 7 फर्जी वेबसाइट्स को बंद करवाया

आईटी सेल और महाकाल थाने की संयुक्त कार्रवाई

उज्जैन। 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री महाकालेश्वर मंदिर में देशभर में रोज हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। पर्व एवं त्यौहारों पर यह संख्या लाखों में पहुंच जाती है। इसी का फायदा उठाते हुए काफी समय से साइबर अपराधी श्री महाकालेश्वर भक्त निवास के नाम से फर्जी वेबसाइट बनाकर ऑनलाइन होटल बुकिंग के नाम पर कई दर्शनार्थियों को शिकार बना रहे थे और यह सिलसिला लगातार जारी है। इसमें श्रद्धालुओं से एडवांस बुकिंग के नाम पर ऑनलाइन भुगतान लेकर उन्हें नकली बुकिंग दी जाती थी।
जब वे उज्जैन पहुंचते तो पता चलता कि बुकिंग फर्जी है जिससे मंदिर की प्रतिष्ठा धूमिल होती है। इस संबंध में कोतवाली सीएसपी राहुल देशमुख और महाकाल थाने को लगातार शिकायतें मिल रही थीं। जिसके बाद एसपी प्रदीप शर्मा के निर्देशन में कोतवाली सीएसपी, महाकाल थाना और आईटी सेल की टीम ने संयुक्त रूप से तकनीकी जानकारी जुटाकर फर्जी वेबसाइट्स की होस्टिंग, डोमेन रजिस्ट्रेशन और ब्राउजर गतिविधियों पर नजर रखी। साक्ष्यों की पुष्टि होने के बाद संबंधित डोमेन रजिस्ट्रार से संपर्क कर ७ फर्जी वेबसाइट्स को बंद करवाया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी स्तर पर डिटेल ट्रैकिंग करते हुए यह सुनिश्चित किया कि ऐसी फर्जी साइट्स दोबारा से सक्रिय ना हो सकें।
इन फर्जी वेबसाइट्स के जरिए की जा रही थी धोखाधड़ी
https://shrimahakaleshwarbhaktaniwasonline.com
https://shrimahakaleshwarbhaktaniwas.in
https://shrimahakaleshwarbhaktaniwasuj}v.godaddysites.com
https://shrimahakaleswarbhaktanivas.co.in
https://shrimahakaleshwarbhaktaniwaas.com
https://shrimahakaleshwarbaktaniwas.com
https://mahakaleshwarbhaktaniiwas.com
भविष्य में सख्त निगरानी
पुलिस ने घोषणा की है कि भविष्य में इस प्रकार के साइबर अपराधों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और आमजन को सतर्क एवं जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा। इसके अलावा पुलिस ने दर्शनार्थियों से अपील की है कि श्री महाकालेश्वर मंदिर या भक्त निवास की बुकिंग केवल मंदिर समिति की आधिकारिक वेबसाइट अथवा सरकारी अनुमोदित पोर्टल्स से ही करें। किसी अंजान वेबसाइट पर भुगतान करने से पहले उसकी अच्छी तरह से जांच करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या वेबसाइट की जानकारी मिलने पर महाकाल थाना या साइबर सेल को इसकी सूचना दें।









