Advertisement

रेलवे ट्रैक में फंसा जयसिंहपुरा का फोरलेन अंडरपास

सरकार स्वीकृत कर निगम को दे चुकी 30 करोड़ रुपए

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe

Advertisement

चिंतामन फोरलेन और नृसिंह घाट के बीच होगी कनेक्टिविटी

अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। सिंहस्थ 2028 में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मध्यप्रदेश सरकार सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर फोकस कर रही। इसके लिए करोड़ों रुपए की योजनाएं भी मंजूर की जा चुकी, लेकिन रेलवे से योजनाएं मंजूर होने में हो रही देरी ने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। जयसिंहपुरा में रेलवे क्रॉसिंग पर फाटक की जगह फोरलेन अंडरपास बनाने के लिए सरकार द्वारा 30 करोड़ रुपए स्वीकृत किए जा चुके हैं किंतु पांच माह बाद भी रेलवे ने इसकी तकनीकी डिजाइन स्वीकृत नहीं की है।

Advertisement

आने वाले सिंहस्थ में जयसिंहपुरा रेलवे क्रॉसिंग से महाकाल मंदिर आना जाना आसान होगा। इसके लिए अंडरपास बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विशेष रूप से 30 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। पिछले साल के अंत में ही यह राशि भी निगम के खजाने में पहुंच गई। इस कड़ी में नगर निगम प्रशासन ने भी इसकी तकनीकी डिजाइन के लिए राशि जमा करा दी है। रेलवे से हरी झंडी मिलने में हो रही देरी के कारण इसे समय पर बनाना चुनौती होगा। सूत्रों के अनुसार नगर निगम द्वारा इसको लेकर रेलवे को पत्र लिखे जा रहे हैं, लेकिन अब तक स्वीकृति नहीं मिल सकी है।

इस कारण योजना भी अभी अधर में पड़ी हुई है। हालांकि नगर निगम इसे बनाने की पूरी तैयारी कर चुका है। निगम प्रशासन इसके रेलवे को 26 लाख रुपए की पहली किस्त दिसंबर माह में ही दे चुका है। सिंहस्थ में जयसिंहपुरा में रेल पटरी के नीचे अंडरपास की उपयोगिता को देखते हुए सरकार ने फोरलेन अंडरपास के लिए 30 करोड़ रुपए की योजना मंजूर की और इसके लिए नगर निगम को राशि भी दे दी है, लेकिन रेलवे से तकनीकी ड्राइंग और डिजाइन मंजूर नहीं हो सकी है।

Advertisement

फोरलेन अंडरपास बनने से चिंतामन और नृसिंहघाट के बीच सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी। चिंतामन रोड को भी फोरलेन बनाने की तैयारी चल रही है। लोक निर्माण विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। अभी जीवाजी वेधशाला के सामने चिंतामन रोड से नृसिंह घाट की। ओर जाने के लिए जयसिंहपुरा रेलवे फाटक को पार करना पड़ता है। यह मार्ग महाकाल मंदिर से सीधा जुड़ता है, लेकिन फाटक बंद होने से लोगों को परेशानी आती है। सिंहस्थ के समय इस क्षेत्र में भीड़ का दबाव अधिक होता है। इस कारण सरकार ने इस योजना को स्वीकृति दी है। पहले यह काम पीडब्ल्यूडी को सौंपा गया था, जिसने मौजूदा रेलवे फाटक से दूर ज्ञानसागर स्कूल के पास अंडरपास बनाने की योजना बनाई थी।

रेलवे के साथ समन्वय पर जोर

रेलवे के साथ प्रशासन के समन्वय पर हाल ही एसीएस डॉ. राजेश राजौरा ने भी जोर दिया है ताकि सिंहस्थ के काम तेजी से आगे बढ़ाए जा सकें। इस सिलसिले में प्रशासन को रेलवे अधिकारियों की संयुक्त बैठक भी बुलाई जाना चाहिए।
पत्राचार चल रहा जयसिंहपुरा में अंडरपास प्रोजेक्ट के लिए रेलवे के साथ पत्राचार चल रहा है। रेलवे से तकनीकी स्वीकृति मिलना बाकी है।-संतोष गुप्ता अधीक्षण यंत्री, नगर निगम

Related Articles

Write a review