यूरोप में नौकरी का झांसा, 27 लाख ठगे और खुद पुर्तगाल चला गया

इंदिरा नगर में स्टेशनरी की दुकान चलाने वाले और महिला साथी पर धोखाधड़ी का केस दर्ज
उज्जैन। एक युवक ने अपने परिचितों से विदेश में नौकरी लगवाने के नाम पर 27 लाख रुपए से अधिक की धोखाधड़ी की और स्वयं पुर्तगाल भाग गया। चिमनगंज थाने में 4 लोगों ने उसके खिलाफ शिकायती आवेदन दिया जिसकी जांच के बाद पुलिस ने युवक और उसकी महिला साथी पर केस दर्ज किया है।
पुलिस ने बताया कि बादल टंकारिया पिता भूपेंद्र टंकारिया निवासी कमल कॉलोनी ने अजीत जैन पिता विजय निवासी खंडेलवाल नगर और फलक हुसैन पिता निसार हुसैन निवासी उत्तरप्रदेश के खिलाफ शिकायती आवेदन दिया था। बादल ने पुलिस को बताया कि मार्च 2025 में उसके पिता भूपेंद्र सिंह से इंदिरा नगर में मणीभद्र स्टेशनरी के नाम से दुकान संचालित करने वाले अजित जैन ने कहा कि आपके बेटे की यूरोप में नौकरी लगवा दूंगा।
मेरी परिचित फलक हुसैन विदेश में रहती है। उसकी बातों में आकर भूपेंद्र टंकारिया ने सितम्बर 2025 से 1 दिसंबर के बीच अजीत जैन को 7 लाख 50 हजार रुपए नगद व ऑनलाइन दिए। उसने पासपोर्ट लेकर फलक हुसैन को दे दिया लेकिन नौकरी नहीं लगवाई। बाद में वह उज्जैन छोड़कर कहीं चला गई। उसके घर पहुंचकर पत्नी से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि अजीत जैन पुणे गए हैं। कुछ माह बाद व्हाट्एप पर कॉल आया जिसमें अजीत जैन ने बताया कि मैं अभी पुर्तगाल आया हूं, तुम फलक से संपर्क कर लो।
महिला ने भी ठगा
बादल ने फलक हुसैन से संपर्क किया तो उसने बताया कि तुम्हारा पासपोर्ट मेरे पास है। अजीत तो विदेश में है। तुम मुझे रुपए दे दो। मैं तुम्हें यूरोप भेजने का प्रबंध करती हूं। बादल ने उसे भी डेढ़ लाख से अधिक रुपए दिए लेकिन फलक ने यूरोप नहीं भेजा।
परिचितों के बच्चों को भेजना था यूरोप
अजित जैन ने महिला साथी फलक हुसैन के साथ मिलकर बादल के अलावा अपने परिचित पवित्र सिंह कुशवाह पिता जितेन्द्र सिंह, धीरज सिंह पिता शत्रुधनसिंह व उसके भाई जितेन्द्र सिंह निवासी ढांचा भवन सहित अन्य लोगों के साथ भी यूरोप भेजने के नाम पर लाखों रुपयों की धोखाधड़ी की। पवित्र सिंह कुशवाह ने पुलिस को बताया कि अजित ने पेपर इंपोर्ट करने के नाम पर 6 लाख रुपए से अधिक ठगे हैं। लोगों द्वारा दिए गए आवेदन की जांच में कुल 27 लाख से अधिक की ठगी सामने आई है।









