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शीघ्र दर्शन से महाकाल मंदिर को हर महीने 12 करोड़ से अधिक की कमाई

पिछले दो महीने में शीघ्र दर्शन से मंदिर में आए 24.24 लाख, कमाई और बढऩे की संभावना

 

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में वीआईपी दर्शन भी सशुल्क होने के बाद अब शीघ्र दर्शन की कमाई बढ़ गई है। हर महीने औसत 12 करोड़ की कमाई शीघ्र दर्शन के जरिए मंदिर समिति को होने लगी है। यह कमाई पिछले वर्ष की तुलना में कई गुना अधिक है। श्री महाकाल मंदिर में शीघ्र दर्शन व्यवस्था काफी पहले से लागू है।

इसके लिए 250 रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क निर्धारित है। कुछ महीनों पहले मंदिर समिति ने प्रोटोकाल के तहत आने वाले वीआईपी से भी शीघ्र दर्शन शुल्क लेना शुरू कर दिया है। जो कि पहले नि:शुल्क रहता था। इस व्यवस्था से लाभ यह हुआ कि महाकाल मंदिर को शीघ्र दर्शन की आय कई गुना बढ़ गई। अगर पिछले दो महीने के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह मई में 10 करोड़ 52 लाख 25 हजार 750 रुपए और जून में 13 करोड़ 72 लाख 72 हजार 250 रुपए की ऊंचाई पर पहुंची है जो कि अपने आप में एक रिकार्ड है। जबकि इसके पहले सिर्फ शीघ्र दर्शन से एक दिन में डेढ़ से दो लाख रुपए और महीनेभर में अधिकतम ७० लाख तक कमाई होती थी।

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शीघ्र दर्शन की कमाई बढऩे के प्रमुख कारण यह भी

4 नंबर गेट (बड़ा गणेश मंदिर) से शीघ्र दर्शन प्रवेश आसान होना। यहां से सर्वाधिक दर्शनार्थी शीघ्र दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर समिति ने यहां शीघ्र दर्शनार्थियों के लिए सभी सुविधाएं की हैं।

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शीघ्र दर्शन की बुकिंग और भुगतान ऑनलाइन किया जाना।

चार धाम मंदिर से भी शीघ्र दर्शन के लिए शॉर्ट कट बनाया गया है।

सावन-भादौ की तैयारियां शुरू, हर विभाग से मांगी डिमांड

सावन और भादौ में भगवान महाकाल के दर्शन और पारंपरिक सवारियों के लिए उमडऩे वाले श्रद्धालुओं के संभावित जनसैलाब को देखते हुए जिला व मंदिर प्रशासन ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। मंदिर समिति ने बेरिकेड्स रिपेयरिंग, नई कतार व्यवस्था आदि की तैयारी शुरू कर दी है। मंदिर के प्रत्येक विभाग से सावन के लिए डिमांड लिस्ट मांगी गई है ताकि ऐन वक्त किसी सामग्री की कमी न रहे।

सुरक्षा व्यवस्था पर भी फोकस
सावन-भादौ के दौरान जुटने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इस बार भी सुरक्षा व्यवस्था को बेहद मजबूत किया जा रहा है। मंदिर के भीतरी हिस्सों, नंदी हॉल और बैरिकेड्स के पास श्रद्धालुओं की कतारों को लगातार चलाने के लिए स्टाफ को मुस्तैद रखा जाएगा। भीड़ को कतारबद्ध करने और होल्डिंग एरिया को व्यवस्थित रखने के लिए सैकड़ों निजी सुरक्षा गार्ड्स की ड्यूटी भी लगाई जाएगी। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ बाहरी बल और होमगार्ड के जवान सुरक्षा की मुख्य कमान संभालेंगे।

इन व्यवस्थाओं पर फोकस

कतारों में खड़े भक्तों के लिए पीने के पानी और धूप-बारिश से बचने के लिए शेड (छांव) की व्यवस्था की जा रही है।

आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए जगह-जगह मेडिकल किट्स और स्वास्थ्य कर्मी तैनात रहेंगे।

दर्शन व्यवस्था पिछले साल की तरह ही रहने वाली है। वर्तमान में भी यही लागू है। आम दर्शनार्थी मानसरोवर द्वार से प्रवेश कर टनल से होते हुए अंदर जाएंगे जबकि वीआईपी नीलकंठ द्वार से होते हुए शंखर द्वास से प्रवेश करेंगे।

इनका कहना
सावन-भादौ के लिए आम तौर वही व्यवस्थाएं रहेगी जो पिछले वर्ष थी। नई व्यवस्थाओं के लिए जल्दी ही मंदिर समिति की बैठक में निर्णय लिए जाएंगे। मंदिर की सभी शाखाओं ने भी अपने स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है।
– आशीष फलवाडिय़ा
सहायक प्रशासक, श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति

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