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उज्जैन नगरीय क्षेत्र में 10 लाख से अधिक पौधे रोपे जाएंगे

जल गंगा संवर्धन अभियान के बाद अब वृहद पौधरोपण की तैयारी

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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन प्रदेश में जल स्त्रोतों के संरक्षण,जीर्णोद्धार के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान के बाद अब वृहद पौधरोपण की तैयारी की जा रही है। प्रदेश के सभी शहरों में 15 जुलाई से 15 सितम्बर तक पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में एक करोड़ 75 लाख पौधे रोपे जाएंगे। इसमें उज्जैन में 10 पौधे रोपे जाएंगे

सरकार द्वारा हरियाली के लिए पौधरोपण अभियान में पौने दो करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें सबसे अधिक भोपाल और इंदौर में 15-15 लाख पौधे रोपे जाएंगे। नगर निगम ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन में 10-10 लाख और शेष 11 नगर निगम में 5-5 लाख पौधे रोपे जायेंगे। पौधरोपण का कार्य नगरीय निकाय की स्वयं की हरित क्षेत्र के लिये आरक्षित भूमि, अन्य शासकीय भूमि तथा निजी कॉलोनियों में हरित क्षेत्र के लिये आरक्षित भूमि में किया जाएगा।

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निजी कॉलोनियों में पौधरोपण जन-सहयोग से होगा। निकाय द्वारा पौधों की आपूर्ति नगरीय निकाय एवं वन विभाग की नर्सरी तथा स्थानीय रूप से उपलब्ध पौधों से की जायेगी। पौधरोपण कार्य वन, उद्यानिकी तथा नगरीय निकाय के स्वयं की उद्यानिकी शाखा के तकनीकी मार्ग दर्शन में किया जायेगा। अभियान में स्मृति वन, नक्षत्र वन, संस्कृति वन विकसित करने को प्रोत्साहित करने को कहा गया है।

यहां इतने पौधे रोपे जाएंगे
नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने सभी कलेक्टरों को इस संबंध ने निर्देश जारी कर कहा है कि अन्य विभागों के साथ मिलकर पौधरोपण अभियान चलाएं। बारिश के दौरान अधिक से अधिक पौधे रोपे जाएं। विभाग ने कहा है कि एक लाख एवं इससे अधिक जनसंख्या की 17 नगर पालिकाओं में एक-एक लाख, एक लाख से कम जनसंख्या वाली 82 नगर पालिका में 15-15 हजार और 298 नगर परिषद में 10-10 हजार पौधे रोपे जाने हैं।

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इनकी भी रहेगी भागीदारी
साथ ही जन-अभियान परिषद, स्वयंसेवी संस्थाओं, स्व-सहायता समूह, एनएसएस, एससीसी तथा स्कूल, कॉलेज के छात्र-छात्राओं को भी इस अभियान से जोडऩे के निर्देश दिये गये हैं। वर्तमान में नगरीय निकायों में अमृत 2.0 योजना अंतर्गत हरित क्षेत्रों का विकास कार्य प्रचलित है। पौधरोपण अभियान में वित्तीय व्यवस्था अमृत 2.0 योजना अंतर्गत उपलब्ध राशि, नगरीय निकाय में उपलब्ध स्वयं के स्त्रोत से तथा जन-सहयोग से की जायेगी।

छायादार और औषधीय पौधों का करना है चयन
शासन ने कहा कि अभियान में छायादार और औषधीय प्रजाति के पौधों का चयन किया जाना है। सजावटी एवं हेज प्लांट का उपयोग नहीं होगा। निकायों द्वारा किये जाने वाले पौधरोपण की सुरक्षा का उचित प्रबंध करने को भी कहा गया है। पौधों की निगरानी एवं रख-रखाव में निकाय द्वारा गैर सरकारी संस्थाओं और आम नागरिकों से सहयोग लेने के लिए कहा गया है। निकायों द्वारा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा सांइन्टिफिक लैंडफिल परिसर में पौधरोपण का कार्य अनिवार्य रूप से करने को कहा गया है।

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