अब फ्रीगंज में फोरलेन होगा ब्रिज, 3 ब्रांच होंगी

बीच में डिवाइडर, दोनों तरफ फुटपाथ, टेंडर पहुंचा मंत्री के पास

नगर निगम के नए विकसित नगर वन का तोडऩा पड़ेगा कुछ हिस्सा
टेंडर मंजूरी के बाद योजना में नया मोड़, रेलवे की मंजूरी का इंतजार
अक्षरविश्व न्यूज|फ्रीगंज में नया ओवरब्रिज बनने से पहले एक बार फिर योजना में बड़ा बदलाव सामने आया है। अब इसे फोरलेन बनाया जाएगा और इसकी तीन ब्रांच (शाखाएं) होंगी। बीच में डिवाइडर होगा तो दोनों तरफ फुटपाथ। बिनोदालय के मकान तोडऩा पड़ेंगे तो नगर निगम के हाल ही बने नगर वन का कुछ हिस्सा भी तोडऩा पड़ सकता है। बड़ी बात यह है कि टेंडर को मंजूरी मिलने के बाद यह नया मोड़ आया है। फोरलेन ब्रिज भविष्य की दृष्टि से ज्यादा बेहतर रहेगा।
फ्रीगंज ओवरब्रिज की योजना में दो बड़े बदलाव किए गए हैं। एक तो यह कि पहले इसे 12 मीटर करने की योजना बनी थी, फिर15 मीटर चौड़ा करने का प्रस्ताव था। अब इसे 70 फीट (21.40 मीटर) चौड़ा करने की योजना है। बीच में डिवाइडर होगा और दोनों तरफ (27, 27 फीट) 8-9 मीटर की रोड होगी।
इससे ट्रैफिक जाम के हालात नहीं बनेंगे। दूसरा बड़ा बदलाव यह किया गया है कि चामुंडा माता मंदिर की तरफ एक ब्रांच होगी तो फ्रीगंज क्षेत्र तरफ दो ब्रांच होगी। एक भुजा मक्सी रोड की तरफ जाएगी और दूसरी टॉवर की ओर। इससे लोग दोनों तरफ आसानी से जा सकेंगे। ब्रिज की चौड़ाई बढ़ाने के लिए रेलवे की सहमति ली जाएगी।
इसके लिए पत्र भेज दिया गया है। रेलवे के करीब पांच क्वार्टर इसके लिए तोडऩा पड़ेंगे। सूत्रों के अनुसार ग्वालियर की एक कंपनी का टेंडर मंजूर किया जा चुका है और वह काम करने के लिए तैयार है। औपचारिक स्वीकृति के लिए लोक निर्माण विभाग के मंत्री के पास टेंडर भेज दिया गया है।
सीएम के हस्तक्षेप से बदली योजना
सूत्रों के अनुसार सीएम डॉ. मोहन यादव भविष्य की दृष्टि से फ्रीगंज में बनने वाले ब्रिज को फोरलेन बनाना चाहते हैं। इसके निर्देश उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को दिए। इस पर योजना में बदलाव किया गया है। सीएम के प्रयासों से रेलवे भी मंजूरी दे सकता है। फोरलेन ब्रिज बनने से सिंहस्थ 2028 में भीड़ प्रबंधन में यह काम आएगा। जीरो प्वाइंट ब्रिज पिछले सिंहस्थ में बना लेकिन चौड़ाई कम होने से यह सिंगल लेन ही बन सका। इस कारण अब इस ब्रिज पर आए दिन जाम के हालात बनते हैं। आने वाले सिंहस्थ को देख इसे भी टू लेन करने की जरूरत महसूस की जा रही है।
पुराना ब्रिज भी फोरलेन बनेगा…?
पुराने समय में बना मौजूदा फ्रीगंज ब्रिज को लेकर अब नए सवाल खड़े होने लगे हैं। इसे भी फोरलेन किया जाएगा या इसे इसी हाल में रखा जाएगा, इसको लेकर स्थिति साफ नहीं है। नया ब्रिज बनने के बाद इसको लेकर कोई फैसला हो
सकता है।
अब क्या होगा
चामुंडा माता मंदिर के सामने से ब्रिज की एक ब्रांच शुरू होगी। अब यह निगम के नगर वन और बंद बिनोद मिल के क्वार्टर (बिनोदालय) से होकर मक्सी रोड तरफ जाएगी।
रेलवे के पांच क्वार्टर भी इसकी राह में आ रहे, जिन्हें रेलवे की मंजूरी मिलने पर तोडऩा पड़ेगा।
अभी सिर्फ योजना का सफर
जुलाई 2023 में शिवराज सरकार ने फ्रीगंज ओवरब्रिज की प्रशासकीय स्वीकृति देकर 91.78 करोड़ रुपए मंजूर किए थे।
इसे इंदिरगांधी प्रतिमा से चामुंडा माता मंदिर तक बनाने की योजना थी।
बाद में योजना बदली और अलाइनमेंट मक्सी रोड की ओर किया गया।
पहले 12 मीटर चौड़ा ब्रिज बनाने का प्रस्ताव तैयार हुआ, लेकिन रेलवे के साथ ज्वाइंट इंस्पेक्शन में 15 मीटर चौड़ा करने पर सहमति बनी।
इसका टेंडर जारी हुआ और ग्वालियर की एक कंपनी का टेंडर खुला। इसे स्वीकृति देने की पूरी तैयारी है।
ब्रिज की चौड़ाई 21.40 मीटर करने पर रेलवे की सहमति के बाद उसके अनुसार काम शुरू किया जाएगा।
इसके पहले 88.78 करोड़ रुपए की योजना बनी, लेकिन वह भी अधर में पड़ गई।
सिंहस्थ 2016 में 22 करोड़ रुपए की योजना मंजूर हुई थी हाईकोर्ट का स्टे लगने से योजना निरस्त हो गई।
अब तीन ब्रांच का होगा ब्रिज: नई योजना के तहत नया प्रस्तावित फ्रीगंज ओवरब्रिज तीन ब्रांच वाला होगा। फ्रीगंज तरफ दो ब्रांच होगी। पहले प्रस्ताव में केवल एक ब्रांच थी। -पीएस पंत, ईई, पीडब्ल्यूडी









