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घरों का कमर्शियल उपयोग रोकने पर मकान मालिकों ने जताई आपत्ति

हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष ने समाधान शिविर में सुनीं समस्याएं

 

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उज्जैन। मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष ओम जैन के समाधान शिविर में हाउसिंग बोर्ड के मकानों में कमर्शियल एक्टिविटी होने का मसला जमकर उठा। लोगों ने इस संबंध में अपना पक्ष भी रखा। अध्यक्ष ने उन्हें बताया कि कमर्शियल उपयोग करने वालों को भोपाल से राहत मिलेगी। सांदीपनि नगर और इंदिरानगर के मसले ज्यादा थे। यहां के 23 लोगों को नोटिस दिए गए हैं।

दरअसल, हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष ओम जैन ने सोमवार को समाधान शिविर में लोगों की समस्या सुनी। इसमें ही यह मुद्दा सामने आया। अधिकांश लोगों ने आवासीय संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग पर मंडल से मिले नोटिस पर अपनी बात रखी। चूंकि यह मामला नीतिगत और नियमों में सुधार से जुड़ा हुआ है, इसलिए अध्यक्ष ओम जैन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडल मुख्यालय से पत्राचार कर एक युक्तियुक्त और व्यावहारिक समाधान निकाला जाए।

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शिविर में पहुंचीं 200 से अधिक शिकायतें
सुबह 11 बजे से शुरू हुआ शिविर दोपहर 2 बजे तक चला। लगभग 200 से अधिक शिकायतों का निराकरण किया गया। मंडल की विभिन्न बिना बिकी संपत्तियों की जानकारी दी गई और उन्हें खरीदने की सरल प्रक्रिया समझाई। अध्यक्ष ओम जैन ने कहा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा है कि नागरिकों को भटकना न पड़े। इसी सोच के साथ शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मिली शिकायतों को तीन स्तरों पर विभाजित किया गया है। पहली स्थानीय, दूसरी मुख्यालय और तीसरी को राज्य स्तर का दर्जा दिया गया है। स्थानीय समस्याओं का तुरंत निपटारा किया जा रहा है, जबकि बाकी मामलों का भी निर्धारित समयावधि में निराकरण किया जाएगा।

शिविर में आई प्रमुख समस्याएं

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नामांतरण (म्यूटेशन) और लीज नवीनीकरण।

संपत्तियों की रजिस्ट्री और फ्री होल्ड प्रक्रिया।

अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करना।

फ्री होल्ड पर कार्रवाई नहीं कर सकते

गृह निर्माण मंडल उन्हीं मकान मालिकों पर कार्रवाई कर सकता है,जो लीजधारक हो। इंदिरानगर में २३ ऐसे मालिक हैं, जो घरेलू संपत्ति का कमर्शियल उपयोग कर रहे हैं। इनकी लीज निरस्त हो सकती है। फ्री होल्ड वालों का मसला शासन स्तर पर शॉर्टआउट होगा। गृह निर्माण मंडल अध्यक्ष ओम जैन ने कहा कि लोगों की समस्या सुनी है। स्थानीय समस्याओं का निदान यहीं हो गया है। भोपाल स्तर का भोपाल से होगा और शासन स्तर का चर्चा के माध्यम से करेंगे। फिलहाल कोर्ट के आदेश पर घरेलू संपत्तियों में कमर्शियल उपयोग रोकने पर ध्यान है। पूरे संभाग में 200 से ज्यादा लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं।

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