NSE IPO का जलवा, GMP ₹284 पहुंचा

एनएसई के आईपीओ का इंतजार खत्म होने जा रहा है। कल शुक्रवार को मार्केट रेगुलेटर सेबी ने आईपीओ लाने की मंजूरी दे दी है। अच्छी बात यह है कि ग्रे मार्केट में एनएसई आईपीओ को लेकर उत्साह बना हुआ है। आईपीओ का साइज 30,000 करोड़ रुपये है। बता दें, कंपनी ने अब तक प्राइस बैंड के नाम का ऐलान नहीं किया है।
1800 से 1900 रुपये हो सकता है प्राइस बैंड
बसल कैपिटल के को-फाउंडर संदीप पाण्डेय कहते हैं कि एनएसई के आईपीओ का वैल्यूएशन 30,000 करोड़ रुपये के करीब होगा। कंपनी 14.89 करोड़ शेयर ऑफर करने जा रही है। अगर एनएसई आईपीओ 10 से 15 प्रतिशत के प्रीमियम पर लॉन्च किया जाता है तो इसका प्राइस बैंड 1800 रुपये से 1900 रुपये के रेंज में होगा। वहीं, अगर एनएसई आईपीओ के जरिए अधिक रिटर्न बनाने की कोशिश में रही तो प्राइस बैंड 2000-2200 रुपये तक पहुंच सकता है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार एनएसई के आईपीओ का प्राइस बैंड 1800 रुपये हो सकता है। न्यूज एजेंसी का कहना है कि इस स्तर पर भारतीय म्यूचुअल फंड्स सहित अन्य निवेशकों के लिए दांव लगाना आसान रहेगा।
21 सितंबर को खुल सकता है एनएसई आईपीओ
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार एनएसई का आईपीओ 21 सितंबर को खुल सकता है। वहीं, निवेशकों के पास 25 सितंबर तक दांव लगाने का मौका मिलेगा। प्राइस बैंड का कंपनी की तरफ से 15 सितंबर को ऐलान किया जा सकता है।
ग्रे मार्केट में स्थिति मजबूत
इनवेस्टर्स गेन की रिपोर्ट के अनुसार ग्रे मार्केट में आईपीओ 200 रुपये से अधिक के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। मौजूदा जीएमपी इस समय 284 रुपये चल रहा है। जोकि मजबूत लिस्टिंग के संकेत अभी से दे रहा है।
SBI बेच रहा है अपना कुछ हिस्सा
मसौदा दस्तावेज के अनुसार, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) आईपीओ में 2.48 करोड़ तक शेयर बेचेगा, जबकि एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड 1.60 करोड़ शेयरों की बिक्री करेगी।
एसबीआई की एनएसई में 3.23 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि उसकी सब्सिडियरी एसबीआई कैपिटल मार्केट्स के पास 4.33 प्रतिशत हिस्सेदारी है। स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की एक्सचेंज में 4.44 प्रतिशत हिस्सेदारी है। हालांकि, एनएसई की सबसे बड़ी शेयरधारक कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) अपनी 10.72 प्रतिशत हिस्सेदारी में से कोई भी शेयर नहीं बेचेगी।
इन कंपनियों के आईपीओ से बड़ा होगा NSE का IPO
एनएसई का आईपीओ 2022 में आए एलआईसी के 20,557.23 करोड़ रुपये के निर्गम के अलावा 2021 में आए पेटीएम के 18,300 करोड़ रुपये, 2025 में आए टाटा कैपिटल के 15,511.87 करोड़ रुपये और 2010 में आए कोल इंडिया के 15,200 करोड़ रुपये के आईपीओ से भी बड़ा होगा।
करीब एक दशक की नियामकीय अड़चनों के बाद आने वाला यह आईपीओ एनएसई को बाजार पूंजीकरण के लिहाज से भारत की 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल कर सकता है। सूत्रों के अनुसार, करीब 30,000 करोड़ रुपये के आईपीओ से एनएसई का बाजार पूंजीकरण पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।









