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उज्जैन में भी बनेगा ऑक्सीजन पार्क

नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम में सरकार ने किया चयन

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अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। महाकाल नगरी उज्जैन भी प्रदेश के उन सात शहरों में शामिल हो गया है, जहां ऑक्सीजन पार्क विकसित होंगे। केंद्र सरकार की नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम योजना के तहत उज्जैन का चयन किया गया है। प्रशासन जल्द ही इसके लिए उचित जगह तय करेगा। उज्जैन सीएम सिटी है, इसलिए इसे सिंहस्थ 2028 से पहले सुंदर बनाने की योजनाएं भी तैयार की जा रही हैं।

केंद्र सरकार ने अब देश में हरियाली को बढ़ाने पर फोकस कर दिया है। इसी क्रम में एनसीएपी यानी नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत उज्जैन सहित प्रदेश की राजधानी भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और सतना में इस महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू की जाएगी। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उप संचालक बीडी भूमरकर के अनुसार इन शहरों का चयन हो चुका है, जहां घने जंगल की तरह विकसित ऑक्सीजन पार्क तैयार किए जाएंगे। हर पार्क में कम से कम 60 हजार पौधे लगाए जाएंगे जो वन का अनुभव कराएंगे।

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उज्जैन में महाकाल लोक बनने के बाद तेजी से दर्शनार्थियों और पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। इस कारण यहां आने वाले लोगों को शुद्ध हवा मिल सके, इसके लिए चयन किया गया है। प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार इस योजना के सिलसिले में विस्तृत निर्देश मिलने पर पार्क विकसित किया जाएगा।

डेढ़ लाख पौधों से बना आर्टिफिशियल जंगल

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मक्सी रोड पर वन विभाग ने नौलखी बीड़ को आर्टिफिशियल जंगल के रूप में विकसित किया है। हालांकि यह शहरी क्षेत्र से दूर है इसलिए दूसरे स्थान का चयन करने की तैयारी चल रही। नौलखी बीड़ में पहले घास ही थी लेकिन वन विभाग ने डेढ़ लाख पौधे से इसकी तस्वीर बदल दी। करीब 250 हेक्टेयर में फैली इस बीड़ में 55 हेक्टेयर पर विभाग ने 2007 में विकसित करना शुरू किया और बांस, शीशम, सागौन, आंवला, जामुन आदि के पेड़ लगाए।

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